कोलकाता: चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में व्यापक सफाई की जा रही है। आज यानी 16 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा रही है, जिसमें करीब 58 लाख से अधिक नाम हटाए जाने का अनुमान है। ये नाम मुख्य रूप से मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ के आसपास है, लिहाजा यह बदलाव कुल मतदाताओं का करीब 7.6 प्रतिशत है।
SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी और गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर थी। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, अब तक 24 लाख से अधिक मृतक मतदाता, 12 लाख अनुपस्थित, 19 लाख से अधिक स्थानांतरित और 1.37 लाख फर्जी नाम चिह्नित किए गए हैं। इनमें से अधिकांश नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं दिखेंगे।
किन क्षेत्रों में सबसे अधिक कटौती:
- दक्षिण 24 परगना जिले में सबसे ज्यादा करीब 8 लाख नाम हटाए गए।
- कोलकाता उत्तर में प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक प्रभाव, जहां 25 प्रतिशत से ज्यादा नाम प्रभावित।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से करीब 44 हजार नाम हटाए जाने का अनुमान।
- वहीं, विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी की नंदीग्राम सीट से करीब 10 हजार नाम प्रभावित।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए है। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम की जांच कर सकते हैं और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। सुनवाई के बाद फाइनल लिस्ट फरवरी 2026 में जारी होगी।
राजनीतिक दलों में इसको लेकर बहस तेज है।
सत्तारूढ़ टीएमसी इसे लक्षित कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे फर्जी वोटरों की सफाई मान रही है। चुनाव आयोग ने जोर दिया कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे ड्राफ्ट लिस्ट में नाम जांचें और जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा या आपत्ति दर्ज करें।2.6sFast