‘जम्मू-कश्मीर हमारा था, है और रहेगा…’ : संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘लीडरशिप फॉर पीस’ विषय पर आयोजित खुली बहस में पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाकर अनसुलझे विवाद का जिक्र किया। इसके जवाब में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतानेनी हरीश ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र करार दिया और स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे।

भारत ने पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ऐसे अनावश्यक उल्लेख केवल भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाने की पाकिस्तान की जुनूनी सोच को दर्शाते हैं। राजदूत हरीश ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद करने की चेतावनी दी और कहा कि पिछले चार दशकों में हजारों भारतीय पाक प्रायोजित आतंकवाद का शिकार बने हैं। हालिया उदाहरण के तौर पर अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई।

भारत ने सिंधु जल संधि पर भी सख्त रुख अपनाया, जिसे पहलगाम हमले के बाद निलंबित कर दिया गया था। राजदूत ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक संधि की भावना का सम्मान नहीं किया जा सकता।
भारत ने पाकिस्तान की लोकतंत्र संबंधी दलीलों पर भी तंज कसा और उसे अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने की सलाह दी। यह बहस ऐसे समय हुई जब पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है, लेकिन वह हर मंच का दुरुपयोग भारत विरोधी प्रचार के लिए कर रहा है।

भारत का यह जवाब वैश्विक मंच पर एक बार फिर उसकी मजबूत स्थिति को रेखांकित करता है कि जम्मू-कश्मीर पर कोई विवाद नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।