संसद में ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ नारे पर तीखी बहस, नड्डा-रिजिजू ने सोनिया-राहुल गांधी से कहा माफी मांगे

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए विवादास्पद नारे ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ को लेकर भाजपा ने जोरदार विरोध जताया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की। इस मुद्दे पर दोनों सदनों में कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस की रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आयोजित की गई थी, जहां कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। भाजपा ने इसे कांग्रेस की नफरत भरी सोच का प्रमाण बताया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।

रैली में क्या हुआ?
14 दिसंबर को कांग्रेस ने दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। भाजपा का आरोप है कि ये नारे कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी में लगे, जो प्रधानमंत्री की मृत्यु की कामना जैसा है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया।

संसद में भाजपा का हमला
राज्यसभा में जेपी नड्डा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की यह भाषा राजनीति के स्तर को गिरा रही है। उन्होंने सोनिया और राहुल गांधी से माफी की मांग की, वरना सदन नहीं चलने देंगे। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी लोकसभा में इसकी निंदा की और कहा कि यह कांग्रेस की हताशा दर्शाता है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटका रही है, लेकिन भाजपा ने इसे राष्ट्रीय गरिमा का सवाल बताया। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित रही।

कांग्रेस का जवाब और आगे की संभावना
कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रैली में कुछ लोग भावुक हो गए, लेकिन पार्टी ऐसी भाषा का समर्थन नहीं करती। राहुल गांधी ने संसद में प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की, लेकिन हंगामा जारी रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद सत्र को प्रभावित कर सकता है, जहां संविधान और अन्य मुद्दों पर बहस होनी है।