BJP का कांग्रेस पर पलटवार: “राहुल की कमान में कांग्रेस इतिहास में दफन हो जाएगी, जैसे औरंगजेब के समय मुगल साम्राज्य”

नई दिल्ली : दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर 2025 को कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ रैली के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे विवादित नारे लगाए गए। इन नारों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला।

BJP का मुख्य बयान: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:

  • राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का वही हश्र होगा जो मुगल साम्राज्य का छठे बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में हुआ था – यानी पार्टी इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगी।
  • मुगल साम्राज्य में बाबर से औरंगजेब तक छह शासक हुए, और औरंगजेब के बाद पतन शुरू हो गया।
  • इसी तरह नेहरू-गांधी परिवार के छठे सदस्य (राहुल गांधी) के नेतृत्व में कांग्रेस का अंत निश्चित है। परिवार में मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी शामिल हैं।

त्रिवेदी ने आगे कहा कि कांग्रेस ने बार-बार पीएम मोदी और उनकी मां को अपशब्द कहे, लेकिन अब “मोदी की कब्र खोदने” की आकांक्षा रखकर पार्टी अपना भविष्य खुद स्पष्ट कर रही है।

मोदी तेरी कब्र खुदेगी” नारे पर BJP की नाराजगी:

  • भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, शहजाद पूनावाला और अन्य नेताओं ने वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि ये नारे कांग्रेस के इशारे पर लगे।
  • इसे पीएम मोदी को जान से मारने की धमकी बताया गया।
  • भाजपा का पलटवार: “जब-जब कांग्रेस ने मोदी जी को गाली दी या कब्र की बात की, तब-तब जनता ने कमल खिलाया। मोदी तेरा कमल खिलेगा!”
  • कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता (जैसे राजस्थान की मंजूलता मीणा) ने नारों का बचाव किया, बोले – “वोट चोरी पर जनता में इतना गुस्सा है।”

कांग्रेस का पक्ष:
रैली का मुख्य मुद्दा ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग पर आरोप थे। राहुल गांधी ने पीएम मोदी, अमित शाह और RSS पर हमला बोला, लेकिन पार्टी ने इन नारों से आधिकारिक दूरी नहीं बनाई। कुछ सूत्रों के मुताबिक, ये कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत भावना थी।
यह विवाद राजनीतिक मर्यादाओं की गिरावट दिखाता है। भाजपा इसे कांग्रेस की “मुस्लिम लीग-माओवादी” मानसिकता बता रही है, जबकि कांग्रेस लोकतंत्र बचाने की लड़ाई कह रही है। जनता अब 2029 के चुनावों में फैसला सुनाएगी!