लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित कई शहरों में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा सिंडिकेट पकड़ा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 12 दिसंबर 2025 को लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर, रांची और अहमदाबाद समेत 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
इस कार्रवाई में फर्जी फर्मों, लग्जरी सामान और करोड़ों की अवैध कमाई के सबूत मिले हैं। अनुमान है कि यह रैकेट 1000 करोड़ रुपये से अधिक का है, जो नेपाल और बांग्लादेश तक फैला हुआ था।
- ED की कार्रवाई: मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ECIR दर्ज। निलंबित पुलिस कॉन्स्टेबल अलोक प्रताप सिंह के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आलीशान बंगले पर रेड में Prada-Guicci बैग, Rado घड़ियां और करोड़ों की संपत्ति मिली। बंगला 5-7 करोड़ का आंका गया।
- मुख्य आरोपी: शुभम जायसवाल (किंगपिन, दुबई फरार), उसके पिता भोला प्रसाद, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा, विभोर-विशाल राणा बंधु आदि। FSDA ने राणा बंधुओं की फर्मों का लाइसेंस निरस्त किया।
- नेटवर्क का दायरा: फर्जी फर्मों से कागजी बिक्री दिखाकर असल में नशे के लिए सप्लाई। तस्करी लखनऊ से नेपाल (लखीमपुर, बहराइच रूट) और वाराणसी-गाजियाबाद से बांग्लादेश तक।
- पुलिस एक्शन: UP STF और FSDA ने 32 गिरफ्तारियां, 3.5 लाख बोतलें जब्त (4.5 करोड़ की), 133 फर्मों पर FIR। SIT गठित।
यह कार्रवाई योगी सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। जांच में फर्जी दस्तावेज, हवाला और बेनामी संपत्तियों का पता चला। युवाओं में नशे की लत फैलाने वाले इस रैकेट पर शिकंजा कसने से बड़ा असर पड़ेगा। ED और STF की जांच जारी है, जल्द और खुलासे हो सकते हैं।