लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कुंडा के विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया तथा उनकी साली साध्वी सिंह को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस राजा भैया की अलग रह रही पत्नी भानवी कुमारी सिंह की याचिका पर जारी किया गया। कोर्ट ने भानवी के खिलाफ चल रहे मानहानि के आपराधिक मामले में कार्यवाही पर रोक लगा दी है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
मामले की मुख्य बातें:
- याचिका: भानवी सिंह ने CrPC की धारा 482 के तहत याचिका दायर की थी, जिसमें लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में लंबित मानहानि के मामले को चुनौती दी गई।
- आरोप का आधार: साध्वी सिंह ने 4 सितंबर 2023 को हजरतगंज थाने में FIR दर्ज कराई थी। आरोप था कि भानवी ने तलाक केस में दिए लिखित बयान में साध्वी की मानहानि की। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और CJM ने 27 अगस्त 2025 को संज्ञान लेते हुए भानवी को तलब किया था।
- कोर्ट का फैसला: जस्टिस सौरभ लावनिया की बेंच ने इसे पारिवारिक विवाद बताया और मध्यस्थता (मेडिएशन) की संभावना जताई। भानवी के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई गई। राजा भैया और साध्वी सिंह को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश, जबकि भानवी को एक हफ्ते में रिजॉइंडर दाखिल करने को कहा गया। अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद।
राजा भैया और भानवी सिंह के बीच तलाक का केस दिल्ली की साकेत कोर्ट में वर्षों से चल रहा है। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें अवैध संबंधों से लेकर अन्य पारिवारिक विवाद शामिल हैं। यह मानहानि का मामला उसी तलाक केस से जुड़े बयानों पर आधारित है। कोर्ट ने इसे परिवारिक झगड़े का हिस्सा मानते हुए राहत दी है।
यह फैसला राजा भैया के पारिवारिक विवादों में एक नया मोड़ है, जो लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। दोनों पक्षों से जवाब आने के बाद कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।