नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति के चलते कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 13 दिसंबर से GRAP के सबसे सख्त स्टेज-4 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। रविवार सुबह (14 दिसंबर 2025) दिल्ली का औसत AQI 460 के पार पहुंच गया, जो ‘सीवियर प्लस’ कैटेगरी में है। घने स्मॉग ने शहर को ढक रखा है, विजिबिलिटी कम हो गई है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मुख्य प्रतिबंध:
वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली में नॉन-एसेंशियल ट्रकों की एंट्री पूरी तरह बैन। केवल जरूरी सामान या सर्विस वाले ट्रक (इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल) को छूट। BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर पूरी तरह रोक (दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर में)।
स्कूलों में हाइब्रिड मोड: क्लास 9 और 11 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड क्लासेस अनिवार्य। ऑनलाइन या फिजिकल मोड में से चुन सकते हैं। क्लास 10 और 12 की क्लासेस फिजिकल मोड में जारी रहेंगी। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी किए।
दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में कम से कम 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना अनिवार्य। एनसीआर राज्यों को भी इसी तरह के कदम उठाने के निर्देश।
निर्माण कार्य पूरी तरह बंद: सभी कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन एक्टिविटी बैन, जिसमें हाईवे, फ्लाईओवर जैसे लीनियर प्रोजेक्ट्स भी शामिल।
अन्य: डीजल जनरेटर सेट का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी सर्विसेज के लिए। खुले में कचरा जलाना सख्त मना।
क्यों लागू हुआ GRAP-4?
- शनिवार को AQI तेजी से बढ़ा – सुबह 401 से शाम तक 450 पार।
- कम हवा की रफ्तार, स्थिर वातावरण और प्रदूषकों के फैलाव न होने से स्थिति बिगड़ी।
- IMD के अनुसार, सोमवार से हवा की स्पीड बढ़ने पर कुछ राहत मिल सकती है।
यह प्रतिबंध स्टेज-1, 2 और 3 के साथ लागू हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम प्रदूषण को नियंत्रित करने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जरूरी हैं। नागरिकों से अपील है कि मास्क पहनें, अनावश्यक बाहर न निकलें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।