नवादा : बिहार के नालंदा जिले में हुई दिल दहला देने वाली मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। कपड़ा व्यापारी मोहम्मद अतहर हुसैन (35-40 वर्ष) को नाम और धर्म पूछने के बाद भीड़ ने बेरहमी से पीटा, जिससे इलाज के दौरान 12 दिसंबर की रात उनकी मौत हो गई। मरने से पहले अतहर ने अस्पताल में अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई, जिसे उनकी पत्नी शबनम परवीन ने अब सार्वजनिक किया है। शबनम के मुताबिक, हमलावरों ने अतहर की पैंट खोलकर उनके निजी अंगों की जांच की ताकि मुस्लिम होने की ‘पुष्टि’ कर सकें, फिर उन पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की। यह खुलासा समाज में धार्मिक कट्टरता की गहराई पर सवाल खड़े कर रहा है।
घटना 5 दिसंबर की शाम रोह प्रखंड के भट्टा गांव के पास हुई। अतहर डुमरी गांव से कपड़े बेचकर लौट रहे थे, तभी नशे में धुत 6-7 युवकों ने उन्हें घेर लिया। पहले नाम और पता पूछा, जब अतहर ने अपना नाम मोहम्मद अतहर हुसैन बताया तो मारपीट शुरू हो गई। भीड़ बढ़कर 15-20 हो गई। उन्हें एक कमरे में ले जाकर बर्बरता की इंतेहा कर दी गई।
मौत से पहले अतहर की जुबानी: चौंकाने वाले खुलासे
धर्म की जांच: पैंट उतारकर निजी अंग चेक किए गए, ताकि सुनिश्चित हो सकें कि वे मुस्लिम हैं।
बर्बर यातना: प्राइवेट पार्ट पर पेट्रोल डाला, गर्म लोहे की रॉड से दागा गया। प्लायर से उंगलियां और कान तोड़े गए।
मारपीट: लाठी-डंडे, ईंट, स्टील रॉड से पीटा। सीने पर चढ़कर गला दबाया। सिर फोड़ा गया।
लूट: जेब से 8000 रुपये और साइकिल-कपड़े लूट लिए।
शबनम परवीन ने रोते हुए कहा, “मेरा पति मेहनती था, किसी से दुश्मनी नहीं। सिर्फ नाम और धर्म की वजह से उन्हें मार डाला। हमलावरों ने पैंट खोलकर देखा कि ‘मियाजी’ हैं, फिर ऐसी बर्बरता की जो इंसानियत को शर्मसार कर दे।” परिवार में अब चार बच्चे अनाथ हो गए हैं।
रोह थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बाकियों की तलाश जारी। शबनम ने 10 नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कराई, अब हत्या की धारा जोड़ी गई। पोस्टमॉर्टम नालंदा सदर अस्पताल में मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ।
पुलिस ने देर रात अतहर को घायल अवस्था में बरामद किया था, लेकिन इलाज के बावजूद बचाया नहीं जा सका।