लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर चुनाव आयोग (ECI) और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक भूचाल ला दिया है। हैदराबाद में ‘विजन इंडिया: एआई समिट’ के दौरान दिए गए बयान में अखिलेश ने दावा किया कि चुनाव आयोग का असली काम वोटर संख्या बढ़ाना है, लेकिन यूपी में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के नाम पर करीब 3 करोड़ वोट काटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र’ करार देते हुए कहा कि यह SIR असल में NRC का बहाना बन गया है।
अखिलेश ने साफ शब्दों में कहा, “चुनाव आयोग को वोट बढ़ाने का काम करना चाहिए, लेकिन यूपी में 3 करोड़ से ज्यादा वोट कटने जा रहे हैं। भाजपा और आयोग मिलकर उन बूथों और क्षेत्रों में वोट हटाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा हारी थी। यह साजिश विपक्ष के वोट बैंक को कमजोर करने की है।” उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पहले ही 65 लाख वोट कट चुके हैं, और अब यूपी समेत 12 राज्यों में यह ‘प्रयोग’ दोहराया जा रहा है।
SIR प्रक्रिया पर सवाल: क्या है असली मकसद?
ECI की SIR क्या है? चुनाव आयोग ने यूपी सहित कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू की है, जिसका दावा है कि यह वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में चलाई जा रही है, जिससे लाखों वैध वोटर बाहर हो सकते हैं।
अखिलेश का दावा: हर विधानसभा क्षेत्र में 50,000 से ज्यादा वोट काटने की तैयारी। खासकर PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) बहुल इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव डालकर फॉर्म भरवाए जा रहे हैं, जबकि आधार, फिंगरप्रिंट जैसी जानकारी पहले से उपलब्ध है।
समय सीमा बढ़ी: ECI ने SIR की समय सीमा 26 दिसंबर तक बढ़ा दी है, लेकिन अखिलेश ने मांग की है कि इसे और लंबा किया जाए
ताकि वोटर अपने नाम बच सकें।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR पारदर्शिता के लिए जरूरी है और यह किसी साजिश का हिस्सा नहीं। पार्टी प्रवक्ता ने टिप्पणी की, “विपक्ष चुनावी हार को आयोग पर थोप रहा है। SIR से फर्जी वोटर बाहर होंगे, जो लोकतंत्र को मजबूत करेगा।” हालांकि, अखिलेश ने चेतावनी दी कि सपा ‘PPTV’ (पारदर्शी पोलिंग ट्रैकिंग वीडियो) जैसे कदम उठाएगी ताकि कोई वोट न कटे।
राजनीतिक संदर्भ: यूपी चुनाव से पहले तनाव
यह आरोप यूपी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जहां सपा-कांग्रेस गठबंधन 2024 लोकसभा में मजबूत प्रदर्शन के बाद आक्रामक रुख अपना रहा है। अखिलेश ने कहा, “बीजेपी न यूपी जीतेगी, न बंगाल। जनता PDA के साथ है।” विपक्षी दलों ने भी समर्थन जताया है, जबकि सत्ताधारी दल इसे ‘प्रोपगैंडा’ बता रहा है।