बिहार: NDA के संपर्क में महागठबंधन के 17-18 विधायक? JDU के दावे ने बढ़ाया सियासी पारा, RJD ने ठहराया ‘नूरा-कुश्ती’

पटना : बिहार की सियासत में गुरुवार (11 दिसंबर 2025) को एक नया मोड़ आ गया, जब जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एमएलसी और प्रवक्ता नीरज कुमार ने दावा किया कि महागठबंधन के 17 से 18 विधायक एनडीए के संपर्क में हैं। विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की भारी जीत के बाद यह बयान विपक्षी दलों में हड़कंप मचा रहा है। हाल ही में 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए को 202 सीटें मिलीं, जबकि महागठबंधन को मात्र 35। JDU का यह दावा विपक्ष को और कमजोर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है।

JDU का दावा: ‘धैर्य रखें, संपर्क जारी’
नीरज कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “जीते हुए विधायक हमसे संपर्क कर रहे हैं। हमने उनसे कहा है कि धैर्य रखें। करीब 17 से 18 विधायक लगातार संपर्क में हैं।” उनका इशारा मुख्य रूप से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों की ओर था, जो महागठबंधन का सबसे बड़ा घटक है। कुमार ने यह भी जोड़ा कि ये विधायक अपनी पार्टी से असंतुष्ट हैं और एनडीए के विकास मॉडल से प्रभावित हो रहे हैं। यह बयान JDU की रणनीति का हिस्सा लगता है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

इससे पहले नवंबर 2025 में लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी दावा किया था कि “कई विपक्षी विधायक एनडीए के संपर्क में हैं।” पासवान ने कहा था कि विपक्ष का “रचनात्मक निष्क्रियता” और सरकार के कामकाज में बाधा डालने वाला
रवैया ही इसका कारण है।

RJD का पलटवार: ‘BJP-JDU की नूरा-कुश्ती, हम विपक्ष में रहेंगे’
JDU के दावे पर RJD ने तीखा प्रहार किया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “RJD को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि JDU को जादुई आंकड़ा मिले या BJP को। हमें तो विपक्ष में रहना है।” उन्होंने इसे “नूरा-कुश्ती का खेल” करार दिया, जो NDA के भीतर BJP और JDU के बीच सीट बंटवारे की जद्दोजहद को दर्शाता है। RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह महज सियासी ड्रामा है और पार्टी के सभी विधायक मजबूती से साथ खड़े हैं।

कांग्रेस ने भी दावे को खारिज करते हुए कहा कि 2020 के चुनावों में भी ऐसी अफवाहें फैलाई गई थीं, लेकिन सभी 19 विधायक पार्टी के साथ ही रहे। महागठबंधन के नेताओं का मानना है कि यह एनडीए की ओर से विपक्ष को तोड़ने की साजिश है।
बिहार विधानसभा का गणित: NDA की मजबूती, विपक्ष की दुविधा

2025 के चुनाव परिणामों के बाद बिहार विधानसभा का समीकरण NDA के पक्ष में है:

BJP: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
JDU: 85 सीटें
LJP (RV): 19 सीटें
HAM (S): 5 सीटें
RLM: 4 सीटें
कुल NDA: 202 सीटें (बहुमत के लिए 122 चाहिए)

वहीं महागठबंधन:

RJD: 25 सीटें
कांग्रेस: 6 सीटें
अन्य: 4 सीटें
कुल: 35 सीटें

अगर JDU का दावा सही साबित होता है, तो महागठबंधन का आंकड़ा और गिर सकता है, जिससे विपक्ष की भूमिका और कमजोर हो जाएगी। हालांकि, अभी तक कोई विधायक ने खुला समर्थन नहीं दिया है।

सियासी हलचलें: विधानसभा सत्र से पहले तनाव
यह दावा उस समय आया है जब बिहार विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार (15 दिसंबर 2025) से शुरू हो रहा है। एनडीए सरकार को मजबूत बहुमत मिलने के बावजूद, विपक्ष EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। JDU का बयान विपक्ष को और उकसाने वाला लगता है, जिससे सदन में हंगामा बढ़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह NDA की रणनीति है, जो 2026 के लोकसभा चुनावों से पहले अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

बिहार की सियासत हमेशा अप्रत्याशित रही है, और यह दावा नया ट्विस्ट जोड़ रहा है। क्या महागठबंधन में बड़ा टूट होगा या यह महज अफवाह साबित होगा? आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल, राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जोरों पर है।