उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के तहत वाराणसी पुलिस ने ‘ऑपरेशन टॉर्च’ को तेज कर दिया है। इस सात दिवसीय विशेष सत्यापन अभियान के जरिए बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य अवैध प्रवासियों की पहचान की जा रही है। शहर के झुग्गी-झोपड़ियों, सड़क किनारे ठेले लगाने वालों और संदिग्ध इलाकों में पुलिस टीमें सक्रिय हैं। अब तक करीब 500 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हो चुकी है, जिनके आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू यह अभियान राज्यव्यापी है, जो अवैध घुसपैठ को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
अभियान का विवरण: सघन जांच और सत्यापन
ऑपरेशन टॉर्च की शुरुआत 7 दिसंबर को हुई और यह 13 दिसंबर तक चलेगा। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के तहत सभी थाना क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों ने सिगरा, रामनगर, सुजाबाद, कोइराजपुर और गोमती जोन जैसे इलाकों में छापेमारी की। पुलिस ने संदिग्धों के कमरों, सामान और पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की। कई मामलों में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के आधार कार्ड मिले, जिनकी प्रामाणिकता की जांच जारी है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि संदिग्धों को 15 दिनों का समय दिया गया है दस्तावेज पेश करने के लिए। यदि दस्तावेज संदिग्ध पाए जाते हैं, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। अब तक कोई पुष्ट अवैध घुसपैठिया नहीं पकड़ा गया, लेकिन सत्यापन के बाद विवरण पश्चिम बंगाल और असम पुलिस को भेजा जाएगा। काशी जोन के एडीसीपी टी. शर्वन और गोमती जोन के एडीसीपी वैभव बंगार के नेतृत्व में ये टीमें सक्रिय हैं। अभियान के दौरान फोटो, व्यक्तिगत विवरण और स्थानीय निवासियों से पूछताछ भी की जा रही है।
योगी सरकार का सख्त रुख
यह अभियान यूपी के प्रमुख जिलों—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा, गोरखपुर आदि में भी चल रहा है। मुख्यमंत्री ने पहले ही निर्देश दिए थे कि सभी संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार की जाए। अवैध दस्तावेजों पर रहने वालों को डिटेंशन सेंटर भेजने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि यह कदम शहर की जनसांख्यिकीय अखंडता को बचाने के लिए जरूरी है। हाल के वर्षों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ की शिकायतें बढ़ी हैं, जिसके जवाब में सरकार ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई है।
प्रतिक्रियाएं और अपील
स्थानीय निवासियों ने अभियान का समर्थन किया है, लेकिन कुछ इलाकों में भ्रम की स्थिति भी बनी। सिगरा जैसे क्षेत्रों में जहां दशकों से बंगाल से आए परिवार रह रहे हैं, वहां पुलिस ने स्पष्ट किया कि वैध दस्तावेज वाले लोग सुरक्षित हैं। डीसीपी गौरव बंसवाल ने कहा, “अवैध घुसपैठ को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।
यह अभियान न केवल सुरक्षा मजबूत करेगा, बल्कि अवैध तत्वों पर अंकुश लगाएगा। योगी सरकार का यह कदम राज्य की शांति और विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अवैध घुसपैठ के खिलाफ यूपी पुलिस का ‘ऑपरेशन टॉर्च’ जोरों पर: वाराणसी में दस्तावेज सत्यापन अभियान, 500 संदिग्धों पर नजर
-
panchayatground1
- Updated :