आंध्र प्रदेश में भयानक सड़क हादसा: तीर्थयात्रियों से भरी प्राइवेट बस खाई में गिरी, 9 की मौत, कई गंभीर रूप से घायल

आंध्र प्रदेश : आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया। चित्तूर जिले से अनावारम जा रही एक प्राइवेट बस खाई में गिर गई, जिसमें सवार 35-37 तीर्थयात्रियों में से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह हादसा पपिकोंडा नेशनल पार्क के पास तुलसीपाका गांव के निकट चिंतूर-मारे Dumilli घाटी सड़क पर करीब 5:30 बजे सुबह हुआ।

हादसे का विवरण
बस में सवार लोग भद्राचलम मंदिर दर्शन के बाद अनावारम की ओर जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, ड्राइवर तेज मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और बस पहले सुरक्षा दीवार से टकराई, फिर गहरी खाई में लुढ़क गई। घटनास्थल जंगल और पहाड़ी इलाका होने से नेटवर्क कवरेज न होने के कारण सूचना मिलने में देरी हुई। स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे, जहां से 9 शव बरामद हो चुके हैं। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बस का रजिस्ट्रेशन नंबर AP 39 UM 6543 है, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यात्रियों में दो ड्राइवर भी शामिल थे। घायलों को चिंतूर सरकारी अस्पताल और भद्राचलम अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया है, जहां डॉक्टरों ने बताया कि कुछ की हालत नाजुक है।
प्रतिक्रियाएं और सहायता

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और तुरंत अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश और गृह मंत्री अनिता वर्धराजू ने भी दुख जताया तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

जिला कलेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और सभी विभागों को समन्वय में काम करने के आदेश दिए गए हैं। यह इलाका अपनी खतरनाक घुमावदार सड़कों के लिए कुख्यात है, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
सड़क सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा आंध्र प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छेड़ रहा है। राज्य में अधिकांश दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, अनजान इलाकों में ड्राइविंग और खराब सड़कों के कारण होती हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि घाटी सड़कों पर सावधानी बरतें।

यह घटना तीर्थयात्रा के दौरान होने से और भी दर्दनाक है। मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। ईश्वर घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।