रामपुर जेल में बंद आजम खान को कोर्ट से बड़ी राहत, 8 साल पुराने विवादित बयान मामले में बरी!

रामपुर : समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट से एक और बड़ी कानूनी राहत मिली है। जेल में बंद आजम खान को 2018 के एक पुराने मामले में बरी कर दिया गया है, जिसमें पूर्व राज्यसभा सांसद अमर सिंह के परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप था। हालांकि, यह राहत मिलने के बावजूद आजम खान फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, क्योंकि नवंबर में ड्यूल पैन कार्ड फॉर्जरी केस में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई गई है।

कोर्ट के फैसले के अनुसार,
आजम खान पर लगे आरोपों को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका। वकील विनोद शर्मा ने बताया, “कोर्ट ने साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आजम खान को सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह फैसला न्याय का प्रमाण है।” मामला 2018 का है, जब आजम खान ने एक निजी टीवी इंटरव्यू के दौरान अमर सिंह की बेटियों के बारे में कथित आपत्तिजनक बयान दिए थे। इंटरव्यू मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में हुआ था, जिसके बाद लखनऊ से केस रामपुर ट्रांसफर हो गया था। अंतिम बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था।

आजम खान के समर्थकों ने कोर्ट परिसर के बाहर जश्न मनाया, लेकिन सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह बरी होना राजनीतिक साजिश के खिलाफ जीत है। आजम खान ने जेल से संदेश भेजा, “सच्चाई का साथ कभी हार नहीं मानता।” वर्तमान में आजम खान रामपुर जेल में बंद हैं, जहां नवंबर 17 को पैन कार्ड मामले में सजा सुनाई गई थी। इस केस में फॉर्जरी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप थे।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा,
“आजम भाई को न्याय मिला। भाजपा की साजिशें विफल हो रही हैं। हम उनके लिए लड़ते रहेंगे।” दूसरी ओर, भाजपा ने फैसले का स्वागत किया लेकिन कहा कि बाकी केसों में सजा बरकरार रहेगी। आजम खान पर कुल 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कई में बरी या जमानत मिल चुकी है। हाल ही में क्वालिटी बार लैंड ग्रैब केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन पैन कार्ड केस ने फिर जेल की राह दिखाई।