संसद में हाई-लेवल मीटिंग: पीएम मोदी ने राहुल गांधी से की मुलाकात, अमित शाह भी रहे मौजूद – जानें पूरा मामला

नई दिल्ली : लोकसभा में आज एक अनौपचारिक लेकिन हाई-लेवल बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से करीब 40 मिनट तक निजी मुलाकात की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। यह बैठक संसद भवन के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई, जिसे स्रोतों ने ‘राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर संवाद’ बताया है।

हालांकि बैठक का कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया, लेकिन खबरों के अनुसार इसमें महाकुंभ 2025, राष्ट्रीय सुरक्षा, संसद की कार्यवाही और हाल की संभल हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक की जानकारी सबसे पहले कांग्रेस स्रोतों ने दी, जिन्होंने इसे ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ बताया। पीएमओ ने केवल इतना कहा कि “प्रधानमंत्री नियमित रूप से विपक्षी नेताओं से संवाद करते हैं, ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता बनी रहे।” अमित शाह की मौजूदगी से यह स्पष्ट हो गया कि बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं थी।

बैठक के मुख्य बिंदु (सूत्रों के हवाले से)

  • महाकुंभ 2025: राहुल गांधी ने प्रयागराज में होने वाले कुंभ के लिए केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि यह आयोजन ‘विश्व गुरु भारत’ की छवि को मजबूत करेगा और सभी दलों को साथ मिलकर सफल बनाना चाहिए।
  • संसद की कार्यवाही: दोनों पक्षों ने चर्चा की कि विपक्षी मुद्दों पर बहस को और अधिक समय दिया जाए। राहुल ने ‘महंगाई और बेरोजगारी’ जैसे मुद्दों पर विशेष सत्र की मांग की, जिस पर पीएम ने ‘सकारात्मक विचार’ जताया।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: अमित शाह ने सीमा पर घुसपैठ, आतंकवाद और हाल की संभल हिंसा पर अपडेट दिया। राहुल ने ‘सामाजिक सद्भाव’ बनाए रखने की अपील की।
  • संसद में सहयोग: दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले, ताकि जनता के मुद्दे उठ सकें।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: सकारात्मक से लेकर संशय तक

  • कांग्रेस: राहुल गांधी के करीबी स्रोत ने कहा, “यह पहली बार नहीं कि पीएम विपक्ष से मिले, लेकिन अमित शाह की मौजूदगी से बातचीत का स्तर ऊंचा था। यह दिखाता है कि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार है।”
  • बीजेपी: पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “पीएम मोदी हमेशा विपक्ष के साथ संवाद करते हैं। यह देशहित में है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए।”
  • विपक्षी दलों में हलचल: सपा और TMC ने इसे ‘नाटक’ बताया, जबकि AAP ने कहा कि “अब तक सिर्फ मीटिंग, कोई ठोस फैसला नहीं।”