महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी से फंसे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य: मथुरा कोर्ट में परिवाद दर्ज, 1 जनवरी को सुनवाई

मथुरा : वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य (जिन्हें ‘पूकी बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अक्टूबर में महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने उनके खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया है। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर की याचिका को स्वीकार करते हुए सीजेएम उत्सव राज गौरव ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 1 जनवरी 2026 को वादी के बयान दर्ज करने की तारीख तय की है, जिसके बाद अनिरुद्धाचार्य को भी पेश होना पड़ सकता है। यह मामला महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का है, जो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ था।

अनिरुद्धाचार्य के वकीलों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है, लेकिन कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए परिवाद दर्ज किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि साबित हुआ, तो यह आईपीसी की धारा 509 (महिलाओं का अपमान) और 294 (अश्लीलता) के तहत दंडनीय हो सकता है।
क्या था विवाद का केंद्र? वायरल वीडियो का पूरा मामला

अक्टूबर 2025 में अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसमें वे कथा के दौरान बेटियों की शादी की उम्र पर टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा था, “आजकल बेटियों की शादी 25 साल की उम्र में होती है, तब तक वे चार जगह मुंह मार चुकी होती हैं।” इस बयान को महिलाओं के चरित्र पर हमला बताते हुए देशभर में आक्रोश फैल गया।

  • मीरा राठौर की शिकायत: हिंदू महासभा की नेत्री मीरा राठौर ने जुलाई 2025 में वृंदावन में अनिरुद्धाचार्य का वीडियो देखा, लेकिन अक्टूबर में वायरल होने पर कार्रवाई की। उन्होंने कोर्ट में कहा, “यह बयान महिलाओं की इज्जत पर सीधा प्रहार है। कथावाचक होने के नाते उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।” याचिका में वीडियो को सबूत के रूप में पेश किया गया।
  • प्रारंभिक हंगामा: वीडियो वायरल होते ही महिलाओं के अधिकार संगठनों, सोशल मीडिया यूजर्स और हिंदू महासभा ने विरोध प्रदर्शन किए। कई वकीलों ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य को माफी मांगनी चाहिए, वरना बहिष्कार किया जाएगा।
  • अनिरुद्धाचार्य की सफाई: बवाल मचने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं महिलाओं का पूरा सम्मान करता हूं। मेरा बयान संदर्भ से हटाकर तोड़ा-मरोड़ा गया है। यह कथा का हिस्सा था, जिसमें समाज सुधार का संदेश था।” लेकिन यह सफाई विवाद को शांत नहीं कर पाई।

कोर्ट की कार्रवाई: परिवाद दर्ज, अब क्या होगा?
सीजेएम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद परिवाद को औपचारिक रूप से दर्ज किया।

  • अगला कदम: 1 जनवरी को मीरा राठौर के बयान दर्ज होंगे। उसके बाद अनिरुद्धाचार्य को समन जारी हो सकता है।
  • संभावित धाराएं: आईपीसी 509 (महिला अपमान), 294 (अश्लील शब्द) और आईटी एक्ट के तहत साइबर अपराध की जांच।
  • कानूनी विशेषज्ञों की राय: वकील राजेश शर्मा ने कहा, “यह केस महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है। यदि कोर्ट ने साबित पाया, तो जुर्माना या जेल हो सकती है। लेकिन संदर्भ साबित करने पर बरी भी हो सकते हैं।”