लखनऊ : : उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तर्ज पर एक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसमें घुसपैठियों की पहचान, उन्हें हिरासत केंद्रों में बंद करना और कानूनी प्रक्रिया के बाद देश से बाहर करने का सख्त प्लान शामिल है।
रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य के संसाधनों पर बोझ बताते हुए सरकार ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई है। यह कदम न सिर्फ आंतरिक सुरक्षा मजबूत करेगा, बल्कि अपराध दर कम करने और सरकारी योजनाओं को असली हकदारों तक पहुंचाने में भी मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा किसी बहस का विषय नहीं। घुसपैठिए राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो हमारे नागरिकों का हक है। हम सर्जिकल स्ट्राइक की तरह सटीक कार्रवाई करेंगे – पहचान, हिरासत और डिपोर्टेशन।” यह बयान हाल ही में लखनऊ में जारी आधिकारिक बयान के बाद आया, जिसमें सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी बढ़ाई जाए।
प्लान का पूरा खाका: कैसे होगा अमल?
सरकार का यह अभियान बहुआयामी है, जो वेरिफिकेशन से लेकर डिपोर्टेशन तक हर कदम को कवर करता है। मुख्य बिंदु ऐसे हैं:
- पहचान अभियान: सभी 75 जिलों में डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन ड्राइव। नगर निगमों, दुकानों, घरेलू नौकरियों और सफाई कार्यों में काम करने वालों के दस्तावेज चेक। बांग्लादेशी और रोहिंग्या संदिग्धों की लिस्ट तैयार।
- हिरासत केंद्र: हर जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित। घुसपैठियों को यहां रखा जाएगा, जहां सुरक्षा इतनी मजबूत होगी कि कोई चूक न हो सके। हर डिवीजन में स्थायी केंद्र भी बनेंगे।
- कानूनी प्रक्रिया: हिरासत में रखे गए व्यक्तियों को न्यायिक उपाय का मौका। वेरिफिकेशन पूरा होने पर विदेशी नागरिकता वाले को उनके देश डिपोर्ट किया जाएगा। विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से समन्वय।
- नागरिकों की भूमिका: सीएम ने अपील की, “कर्मचारी रखने से पहले पहचान वेरिफाई करें। घुसपैठिए को संरक्षण न दें।” सोशल मीडिया पर भी जागरूकता कैंपेन चल रहा है।
- सीमावर्ती सुरक्षा: बंगाल SIR अभियान के बाद यूपी में घुसपैठ रोकने के लिए समन्वित फ्रेमवर्क। पुलिस और खुफिया तंत्र को अलर्ट, नेटवर्क उजागर करने पर फोकस।
सरकार के मुताबिक, घुसपैठिए अपराध, सामाजिक असंतुलन और संसाधनों के दुरुपयोग का कारण बन रहे हैं। बंगाल SIR के बाद कई अवैध प्रवासी यूपी पहुंचे, जिससे खतरा बढ़ा। यह प्लान अपराध दर घटाएगा, पुलिस को मजबूत करेगा और नागरिकों में विश्वास जगाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सरकारी योजनाएं – जैसे राशन, आवास – असली लाभार्थियों तक पहुंचेंगी।
बीजेपी ने इसे “राष्ट्रहित की सर्जिकल स्ट्राइक” बताया। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “योगी जी की सख्ती से यूपी सुरक्षित बनेगा।” विपक्ष ने सवाल उठाए – कांग्रेस के अजय राय ने कहा, “8 साल बाद अब जागे? पहले क्यों नहीं किया?” सपा ने इसे “मानवीय संकट” करार दिया, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई कानूनी और संतुलित है।
अगले 3 महीनों में 50% घुसपैठियों की पहचान का लक्ष्य। केंद्र से सहयोग मांगते हुए यूपी सरकार ने कहा कि यह अभियान पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा। सीएम योगी ने ट्वीट किया, “सुरक्षा हमारी प्राथमिकता, घुसपैठ बर्दाश्त नहीं।”