लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सर्दी की दहशत के साथ-साथ हवा भी जहर बन चुकी है। ठंडी हवाओं ने तापमान को माइनस में धकेल दिया है, तो वहीं कोहरे और धुंध ने प्रदूषण को आसमान छूने वाला बना दिया। गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 320 के पार पहुंच गया है, जो ‘खतरनाक’ स्तर का संकेत दे रहा है।
लखनऊ की स्थिति भी ज्यादा बेहतर नहीं, जहां AQI 250 से ऊपर घूम रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह डबल अटैक लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और फेफड़ों के मरीजों के लिए।
राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है। कानपुर में 4.2 डिग्री, मुजफ्फरनगर में 5.4 डिग्री, मेरठ में 6.2 डिग्री और लखनऊ में 7.8 डिग्री तक सिमट गया। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों में पछुआ हवाओं की वजह से गलन बढ़ेगी, और 8 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ ठंड को और तीव्र कर सकता है। दिन का तापमान 23-26 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन रातें असहनीय हो जाएंगी।
- गाजियाबाद: यहां AQI 323 तक पहुंच चुका है, जो ‘हैजर्डस’ कैटेगरी में आता है। पीएम2.5 का स्तर 232 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और पीएम10 301 तक मापा गया। दिल्ली-एनसीआर से सटे होने की वजह से वाहनों का धुआं, उद्योगों की चिमनियां और पराली जलाने का असर यहां सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
- लखनऊ: AQI 257 पर ‘सीवियर’ स्तर पर टिका है। पीएम2.5 179 और पीएम10 239 माइक्रोग्राम तक। शहर के कई इलाकों में 200-250 के बीच घूम रहा इंडेक्स, जो सांस लेने में तकलीफ पैदा कर रहा। ठंडी हवाओं ने प्रदूषण को जमीन पर चिपका दिया है, जिससे कोहरा गाढ़ा हो गया।
- पूरे यूपी का हाल: राज्य का औसत AQI 240-246 के आसपास ‘सीवियर’। नोएडा सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार, जहां 384 तक पहुंचा। IMD के मुताबिक, नमी और शांत हवाओं ने स्मॉग को बढ़ावा दिया।
डॉक्टरों का अलर्ट है कि यह हवा फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही, अस्थमा और हार्ट पेशेंट्स के लिए जानलेवा। सर्दी के साथ मिलकर यह सांस की बीमारियां दोगुनी कर सकती है।
सलाह: बाहर कम निकलें, मास्क पहनें (N95), घर में एयर प्यूरीफायर चलाएं। बच्चों को स्कूल न भेजें अगर AQI 300 पार हो।
सरकारी कदम: यूपी सरकार ने GRAP-3 लागू किया है – निर्माण कार्य रोके, 10:30 बजे के बाद ट्रक प्रतिबंध। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं, लंबे उपाय जैसे इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाना जरूरी।
IMD के अनुसार, अगले 3 दिनों में तापमान 2-3 डिग्री बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद नया सिस्टम ठंड लाएगा। प्रदूषण में कमी के लिए हवा की गति बढ़नी होगी। सोशल मीडिया पर लोग तंज कस रहे हैं – “ठंड तो झेल लेंगे, लेकिन सांस तो लो!” यूपीवासी सतर्क रहें, क्योंकि यह डबल अटैक जल्द खत्म होने वाला नहीं। साफ हवा और गर्मी का इंतजार ही एकमात्र उम्मीद बाकी है।