लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ पर तीखा हमला: अमित शाह बोले– नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस ने किया विरोध

नई दिल्ली : लोकसभा में आज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जोरदार राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने सदन में दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस पार्टी ने लगातार ‘वंदे मातरम’ का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जब भी इस राष्ट्रगीत को पूर्ण रूप से गाने या सम्मान देने की बात आई, कांग्रेस ने हमेशा टांग अड़ाई।

सबसे बड़ी बात यह रही कि जब यह मुद्दा उठाया जा रहा था, उस वक्त गांधी परिवार के दोनों प्रमुख सदस्य – कांग्रेस संसदीय दल के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी – सदन में मौजूद नहीं थे। उनकी कुर्सियां खाली दिखीं, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार ठहाके लगाए और नारेबाजी शुरू कर दी।

“1947 में जब संविधान सभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत तय हो रहे थे, तब नेहरू जी ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत बनाने का विरोध किया था। कांग्रेस ने हमेशा इसे सांप्रदायिक बताया। आज भी जब सदन में इसे पूरे सम्मान के साथ गाने की बात आती है, तो कांग्रेस के लोग या तो गायब हो जाते हैं या बहाना बनाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि “वंदे मातरम” बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों को प्रेरित किया, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा इसे दूसरे दर्जे का दर्जा दिया।

विपक्ष के कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया और कहा कि यह इतिहास का बेजा राजनीतिकरण है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि “वंदे मातरम” को लेकर कांग्रेस का कोई विरोध नहीं है, बल्कि पार्टी इसे उतने ही सम्मान से देखती है जितना राष्ट्रगान को।
हालांकि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तुरंत टोका और कहा, “तो आज राहुल गांधी और सोनिया गांधी सदन में क्यों नहीं हैं? जब राष्ट्रगीत की बात हो रही हो तो गांधी परिवार गायब हो जाता है।”