कोलकाता : वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में बहस के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। ममता ने कहा, “पीएम ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को ‘बंकिम दा’ कहकर अपमानित किया। वे स्वतंत्रता के समय पैदा भी नहीं हुए थे, फिर भी बंगाल के इस महान सपूत को अनौपचारिक संबोधन दिया।
देश से माफी मांगें!” यह बयान ममता के कुच बिहार दौरे के दौरान आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने सदन में ही पीएम को टोका था, जिस पर मोदी ने हास्य के साथ जवाब दिया।
यह विवाद सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् बहस के दौरान भड़का। पीएम मोदी ने राष्ट्रगीत की रचना का जिक्र करते हुए बंकिम चंद्र को ‘बंकिम दा’ कहा, तो सौगत रॉय ने बीच में चिल्लाया, “बंकिम दा नहीं, बंकिम बाबू कहिए!” मोदी ने तुरंत सुधार किया और कहा, “थैंक्यू, आपकी भावनाओं का सम्मान। आपको तो दादा कह सकता हूं न?” सदन में ठहाके गूंजे, लेकिन ममता ने इसे गंभीर अपमान बताया।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में ‘आनंदमठ’ उपन्यास में वंदे मातरम् लिखा, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। बंगाल में उन्हें ‘बंकिम बाबू’ या पूर्ण नाम से सम्मान दिया जाता है, जबकि ‘दा’ (भाई) अनौपचारिक लगता है। ममता ने कहा, “भाजपा बंगाल के योगदान को नजरअंदाज करती है—नेताजी, गांधी, बंकिम, विद्यासागर सबको अपमानित करते
यह विवाद 2026 बंगाल चुनाव से पहले आया, जहां भाजपा टीएमसी पर ‘तुष्टिकरण’ का आरोप लगा रही। पीएम ने बहस में कांग्रेस को निशाना बनाया, “वंदे मातरम् पर आपातकाल लगाया,” लेकिन टीएमसी को अप्रत्यक्ष रूप से घेरा। ममता ने पलटवार किया, “हम वंदे मातरम् पर चर्चा का स्वागत करते हैं, लेकिन अपमान नहीं।” ओवैसी ने कहा, “थोपना संविधान विरोधी।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बचाव किया, “राष्ट्रप्रेम सबका।”