योगी सरकार का दिवाली तोहफा: यूपी रोडवेज के 37 हजार संविदा ड्राइवर-कंडक्टरों की सैलरी में 7-9% बढ़ोतरी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने परिवहन निगम के संविदा कर्मियों को नया साल का तोहफा दिया है। लगभग 37 हजार ड्राइवरों और कंडक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी की गई है, जो प्रति किलोमीटर 16 पैसे की हाइक से संभव हुई। ड्राइवरों को 9% और कंडक्टरों को 7% की बढ़ोतरी मिलेगी, जिससे औसतन 800 से 1500 रुपये मासिक आय बढ़ेगी।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, “यह कर्मियों की मेहनत का सम्मान है, जो यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाते हैं।” यह फैसला कर्मचारी संघों की लंबी मांग के बाद लिया गया, जो महंगाई के बीच राहत देगा।

बढ़ोतरी का फॉर्मूला: कितने पैसे मिलेंगे?
पहले संविदा कर्मियों का भुगतान प्रति किमी आधारित था—ड्राइवरों को 1.59 रुपये/किमी और कंडक्टरों को थोड़ा कम। अब यह 1.75 रुपये/किमी हो गया। एक औसत ड्राइवर 5000-6000 किमी मासिक चलाता है, तो बढ़ोतरी से फायदा साफ दिखेगा। उत्कृष्ट योजना में दूरी की शर्त भी 78,000 से घटाकर 66,000 किमी सालाना कर दी गई।

यह हाइक दिसंबर 2025 से लागू होगी, और लगभग 22,000 सामान्य श्रेणी के कर्मियों को तुरंत फायदा मिलेगा। बाकी श्रेणियां (उत्कृष्ट, विशेष) पुरानी दरों पर ही रहेंगी, लेकिन संघ नेता गिरिश चंद्र मिश्रा ने इसे “सकारात्मक कदम” बताया, हालांकि महंगाई के हिसाब से “कम” कहा।

पृष्ठभूमि: संघों की मांग और सरकार का जवाब
यूपीएसआरटीसी में 90% से ज्यादा कर्मचारी संविदा पर हैं, जो महामारी के बाद से कम वेतन की शिकायत करते रहे। हाल ही में हड़ताल और मीटिंग्स के बाद यह फैसला आया। स्थायी कर्मचारियों को पहले से 40,000 रुपये मासिक मिलते हैं, लेकिन संविदाकर्मी 16,000-20,000 पर गुजारा करते थे। अब यह 18,000-22,000 तक पहुंचेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ड्राइवरों की थकान कम होगी, जो दुर्घटनाओं का कारण बनती है।