नई दिल्ली : लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई बहस ने एक नया मोड़ ले लिया, जब कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन ने राष्ट्रगीत के शब्दों को न केवल समझाया, बल्कि वर्तमान भारत की हकीकत से जोड़कर एक ऐसा संदेश दिया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इकरा ने कहा, “सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम कहां है? शस्य श्यामलाम् कहां है?”—यानी, स्वच्छ जल, फलों से लदी नदियां, शीतल हवाएं और हरी-भरी फसलें कहां हैं? उनका यह बयान पर्यावरण संकट, प्रदूषण और सामाजिक एकता पर सीधा प्रहार था, जो #IqraHasan और #VandeMataram150 जैसे हैशटैग्स के साथ लाखों व्यूज बटोर रहा है।
इकरा हसन ने बहस के दौरान अल्लामा इकबाल का प्रसिद्ध गीत ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ गाकर कहा, “हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलिस्तां हमारा।” इस पर सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा मच गया। पीछे बैठी सपा सांसद प्रिया सरोज ने इकरा का हौसला बढ़ाया, “बोलती रहो, डरो मत!” इकरा ने जोर देकर कहा कि वह “इंडियन मुस्लिम बाई चॉइस” हैं, न कि बाई चांस—और वंदे मातरम् को जबरदस्ती थोपना संविधान के खिलाफ है। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रगीत गाना व्यक्तिगत इच्छा पर छोड़ना चाहिए।
बहस का संदर्भ: 150 वर्षों का राष्ट्रगीत, लेकिन आज की चुनौतियां
वंदे मातरम्, जो 1882 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘आनंदमठ’ उपन्यास से लिया गया, स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा। 1896 में कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार गाया गया, यह गीत भारत माता की वंदना करता है। लेकिन इकरा हसन ने इसे केवल नारे तक सीमित न रखते हुए वास्तविकता से जोड़ा। उन्होंने कहा, “ये आत्ममंथन की घड़ी है। वंदे मातरम् केवल अतीत की ललकार नहीं, वर्तमान की जिम्मेदारी है।” उनका बयान पर्यावरण, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाता है, जो संसद सत्र में दबे हुए हैं।
इकरा का 7 मिनट का भाषण सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “वंदे मातरम् की आड़ में असल मुद्दे छिपाना बंद करें।” अखिलेश यादव ने कहा, “ये गीत ऊर्जा देता है, लेकिन निभाना भी चाहिए—देश को तोड़ने वाले समझें।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इकरा का बयान ग्लोबल साउथ की भावना को दर्शाता है—जहां राष्ट्रप्रेम पर्यावरण और समानता से जुड़ता है। ओवैसी ने समर्थन में कहा, “भारत माता को देवी कहना धर्म लाता है, लेकिन जबरदस्ती संविधान विरोधी।” वहीं, अनुराग ठाकुर ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा, “ये राष्ट्रगीत का विरोध करते हैं।”