‘अंग्रेजों की नींद उड़ाने वाला वंदे मातरम’: पीएम मोदी ने बताया कैसे ब्रिटिश हुकूमत ने राष्ट्रगान पर लगाई थी रोक

नई दिल्ली – देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक सार्वजनिक कार्यक्रम में वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह नारा अंग्रेजों की नींद उड़ा देने के लिए काफी था, इसलिए ब्रिटिश हुकूमत ने इस पर सख्त रोक लगा दी थी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस गीत की भावना को समझें और राष्ट्रभक्ति की इस लौ को हमेशा जलाए रखें। पीएम का यह बयान स्वतंत्रता संग्राम की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक सांस्कृतिक समारोह में आया, जहां वंदे मातरम का सामूहिक गायन हुआ।

कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की चिंगारी थी। जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे लिखा, तो यह मां भारती की पुकार बन गया। अंग्रेजों को इसकी ताकत का अहसास हो गया था – यह नारा उनके साम्राज्य की नींव हिला रहा था। इसलिए उन्होंने इसे गाने पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सका। आज भी यह गीत हमें याद दिलाता है कि एकजुट होकर हम किसी भी ताकत का मुकाबला कर सकते हैं।” पीएम ने बताया कि 1905 के बंगाल विभाजन के दौरान यह गीत स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बना, और क्रांतिकारियों के लिए यह युद्धघोष था।

वंदे मातरम की उत्पत्ति 1882 में बंकिम चंद्र की उपन्यास ‘आनंदमठ’ से हुई, जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह की कहानी बयान करता है। 1896 में पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया गया यह गीत 1905 के स्वदेशी आंदोलन में लोकप्रिय हो गया। ब्रिटिश सरकार ने इसे ‘राजद्रोहपूर्ण’ मानते हुए 1907 में गाने पर रोक लगा दी, लेकिन रवींद्रनाथ टैगोर और अन्य नेताओं ने इसका विरोध किया। 1937 में कांग्रेस अधिवेशन में इसे राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया, हालांकि बाद में जन गण मन को प्राथमिकता दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में इसे राष्ट्रीय गीत घोषित किया।

पीएम मोदी ने इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी वंदे मातरम की भावना प्रासंगिक है। “आज हम विकास की दौड़ में हैं, लेकिन राष्ट्रप्रेम को कभी पीछे न छोड़ें। यह गीत हमें सिखाता है कि मातृभूमि की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है।” कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री, सांसद और सांस्कृतिक कलाकार मौजूद थे। समापन पर सभी ने खड़े होकर वंदे मातरम गाया, जो दर्शकों में जोश भर गया।