देहरादून में दर्दनाक हादसा: दो सगे भाई समेत तीन राजमिस्त्री एक ही कमरे में शव मिले

देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बेहद दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। शहर के एक निर्माण स्थल के पास किराए के एक छोटे से कमरे में दो सगे भाइयों समेत तीन राजमिस्त्री के शव बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि ठंडी के इस मौसम में इन मजदूरों ने एक ही कोयले के चूल्हे से कमरे को गर्म रखने की कोशिश की, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस लीक हो गई। सभी तीनों की मौत दम घुटने से हुई लगती है।

घटना देहरादून के व सहस्त्रधारा रोड इलाके में हुई, जहां ये तीनों मजदूर एक चल रहे बिल्डिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। मृतकों में दो सगे भाई – 28 वर्षीय राम सिंह और 25 वर्षीय श्याम सिंह – बिहार के एक छोटे से गांव से थे, जबकि तीसरा मजदूर 32 वर्षीय मोहन लाल उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। तीनों दैनिक मजदूरी पर निर्भर थे और किराए के इस छोटे कमरे में ही रहते थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार रात से इनका कोई पता नहीं था। मंगलवार सुबह जब अन्य मजदूर काम पर पहुंचे, तो कमरे का दरवाजा बंद देखकर उन्होंने शक किया। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर भयावह दृश्य देखने को मिला – तीनों शव एक ही कमरे में पड़े थे। कमरे में कोयले का चूल्हा अभी भी जल रहा था, लेकिन हवा का कोई रास्ता नहीं था। सूचना मिलते ही देहरादून पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और प्रारंभिक रिपोर्ट में कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग की पुष्टि हो चुकी है।

पुलिस अधिकारी राजेश कुमार ने बताया, “यह एक दुखद दुर्घटना प्रतीत हो रही है। मजदूरों की जान बचाने के लिए निर्माण स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। सर्दियों में बंद कमरों में चूल्हा जलाना जानलेवा साबित हो सकता है।” परिवारों को सूचना दे दी गई है, और मृतकों के शव जल्द ही उनके पैतृक गांव भेजे जाएंगे।

यह हादसा मजदूरों की कठिन जिंदगी की पोल खोलता है। शहर में हजारों प्रवासी मजदूर सर्दी-गर्मी की मार झेलते हुए काम करते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव उनकी मुश्किलें बढ़ा देता है। स्थानीय प्रशासन ने निर्माण कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि मजदूरों के रहने की व्यवस्था सुरक्षित हो।

परिवारों का शोक: दो सगे भाइयों के परिवार में कोहराम मच गया है। राम सिंह की पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जबकि श्याम सिंह की शादी हाल ही में हुई थी। मोहन लाल के बुजुर्ग माता-पिता को खबर मिलते ही सदमा लग गया। पड़ोसियों ने बताया कि ये तीनों हमेशा हंसमुख रहते थे और एक-दूसरे का ख्याल रखते थे।