इंडिगो का संकट बरकरार: 8 दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर 50 से ज्यादा उड़ानें रद्द, मुंबई में 100 यात्रियों का इंतजार जारी

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट छठे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को भी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो की 50 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हजारों यात्री फंसकर परेशान हैं। पायलटों की कमी और नए ड्यूटी नियमों के कारण शुरू हुए इस संकट ने अब तक 4,000 से ज्यादा उड़ानों को प्रभावित किया है, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

संकट की शुरुआत और कारण
यह संकट 3 दिसंबर से शुरू हुआ, जब इंडिगो ने पायलटों के लिए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) नियमों का पालन करने में असफलता के कारण बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द कर दीं। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने 1 नवंबर से लागू इन नियमों में पायलटों को साप्ताहिक आराम और रात्रिकालीन उड़ानों पर सख्ती बरती थी। इंडिगो ने इसे लागू करने की तैयारी न करने का आरोप झेला है, जिसके चलते क्रू शॉर्टेज हो गया। कंपनी ने दावा किया है कि 95% नेटवर्क बहाल हो चुका है, लेकिन रद्दीकरण जारी हैं।

डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को शो-कॉज नोटिस जारी किया है और एक चार सदस्यीय समिति गठित की है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरफेयर पर कैप लगाने के आदेश दिए हैं, ताकि अन्य एयरलाइनों के टिकटों की कीमतें आसमान न छूएं।

दिल्ली एयरपोर्ट: रविवार को 71 डिपार्चर और 79 अराइवल सहित कुल 150 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं। इंडिगो की 86 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिसमें दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई की प्रमुख रूट्स शामिल हैं। यात्रियों ने काउंटर पर हंगामा किया, और कई घंटों से फंसे लोग रिफंड की मांग कर रहे हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन कुछ उड़ानें अभी भी प्रभावित हैं।

मुंबई एयरपोर्ट: यहां 146 उड़ानें रद्द, जिसमें 54 अराइवल और 63 डिपार्चर शामिल। हजारों यात्री टर्मिनल पर फंसे हैं, और बैगेज क्लेम में अफरा-तफरी मची हुई है। एक यात्री ने बताया, “हम दिल्ली से मुंबई आ रहे थे, लेकिन कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द हो गई। अब होटल का इंतजाम भी नहीं।” इंडिगो ने कहा कि मुंबई से दिल्ली, बेंगलुरु और गोवा की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

अन्य शहरों में भी असर: बेंगलुरु में 124, हैदराबाद में 115, और कोलकाता में 41 उड़ानें रद्द। गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर 14 उड़ानें कैंसिल होने से पर्यटक सबसे ज्यादा परेशान हैं।

यात्रियों पर असर और सरकारी कदम
इस संकट से प्रभावित यात्रियों की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। एयरफेयर आसमान छू रही थीं—दिल्ली-मुंबई का एक तरफा टिकट 60,000 रुपये तक पहुंच गया था। मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि रद्द उड़ानों का रिफंड 7 दिसंबर रात 8 बजे तक पूरा हो, और रीशेड्यूलिंग पर कोई चार्ज न लगे।

रेलवे ने राहत के तौर पर 89 स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जिनमें 116 अतिरिक्त कोच जोड़े गए। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों से 100 से ज्यादा स्पेशल ट्रिप्स शुरू हो चुकी हैं। स्पाइसजेट ने मुंबई से दिल्ली की उड़ानें बढ़ाई हैं।