मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव: हुमायूं कबीर का ऐलान, बीजेपी का तीखा हमला -बाबर ने हिंदू खून से गंगा को लाल किया’

मुर्शिदाबाद : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर (बेलडांगा) में ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर एक नई मस्जिद की नींव रख दी। इस घटना ने भाजपा और हिंदू संगठनों को भड़का दिया है, जो इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश बता रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कबीर पर तंज कसते हुए कहा कि ‘बाबर ने गंगा-यमुना को हिंदू खून से लाल किया था’, जबकि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने चेतावनी जारी की है।

घटना का पूरा ब्योरा
6 दिसंबर को, जो 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की तारीख है, कबीर ने कड़ी सुरक्षा के बीच नींव रखी। कार्यक्रम में सऊदी अरब से आए मौलाना भी शामिल हुए, और हजारों लोग जुटे। कबीर ने मंच पर रिबन काटा, जबकि ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे गूंज रहे थे। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दर्ज है कि बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया था, और हिंदू भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर बनाया गया।

कबीर ने कहा, “कोई इसकी एक ईंट भी नहीं हटा सकता, क्योंकि बंगाल की 37% मुस्लिम आबादी इसे हर हाल में बनाएगी।” उन्होंने चंदे के जरिए करोड़ों रुपये इकट्ठा होने का भी जिक्र किया, जिससे एसबीआई का खाता लिमिट क्रॉस हो गया।
कबीर, जो पहले भाजपा के टिकट पर 2019 में चुनाव लड़ चुके हैं, ने यह प्रोजेक्ट तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उनके समर्थकों ने ईंटें लेकर पहुंचे, और कार्यक्रम में तिरंगा व इस्लामी झंडे लहराए गए। हालांकि, टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, लेकिन कबीर अपनी जिद पर अड़े रहे।

भाजपा और वीएचपी का रोष
भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा। राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा, “बाबर वही था जिसे गुरु नानक देव जी ने अत्याचारी बताया। जिसने गंगा, यमुना और सरयू को हिंदुओं के खून से लाल किया था।” उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि यह धार्मिक ध्रुवीकरण की साजिश है, और ममता ‘आग से खेल रही हैं’। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ट्वीट किया, “यह खतरनाक कदम है। बाबर के नाम पर धार्मिक स्थल बनाना शांति के लिए अच्छा नहीं।” भाजपा ने सवाल उठाया कि कबीर के पुराने विवादित बयानों (जैसे ‘100 के बदले 500 ले जाएंगे’) पर उन्हें इतनी देर से क्यों निष्कासित किया गया।

वीएचपी के विनोद बंसल ने कबीर पर और तीखा प्रहार किया: “हुमायूं कबीर में बाबर का खून तो नहीं, लेकिन उसकी आत्मा जरूर घुसपैठ कर चुकी है। यह कट्टरपंथी बाबरी मस्जिद बनाने की जिद कर रहा है, ताकि पेट्रो डॉलर और जकात का पैसा बटोरे।” वीएचपी ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी कहा कि कबीर की रगों में बाबर का खून दौड़ रहा है।