पूजा पाल ने छुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पैर, बताया अपना ‘गार्जियन’, BJP में शामिल होने पर दिया ये बयान

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित कौशांबी की चायल विधायक पूजा पाल ने गुरुवार को प्रयागराज सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

इस दौरान पूजा ने केशव मौर्य को अपना “गार्जियन” बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मौर्य उनके अभिभावक हैं। सपा से बगावत के बाद बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच पूजा ने कहा, “मैंने योगी सरकार से पति राजू पाल हत्याकांड में न्याय पाया, इसलिए आभार व्यक्त किया।” यह घटना 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा को झटका दे सकती है।

क्या है पूरा मामला?
पूजा पाल, जो बसपा विधायक राजू पाल की पत्नी हैं, का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2005 में शादी के नौ दिन बाद ही राजू पाल की हत्या माफिया अतीक अहमद के गुर्गों ने कर दी थी। पूजा ने 2007 और 2012 में बसपा से प्रयागराज पश्चिमी सीट से जीत हासिल की। 2019 में सपा में शामिल होकर 2022 में चायल से विधायक बनीं। लेकिन फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा व्हिप के खिलाफ क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी को समर्थन दिया, जिसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें निष्कासित कर दिया।

गुरुवार को प्रयागराज पहुंची पूजा ने सर्किट हाउस में केशव मौर्य से बंद कमरे में 20 मिनट बात की। बाहर निकलते ही उन्होंने मौर्य के पैर छुए, जिन्होंने हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया। पत्रकारों से बातचीत में पूजा ने कहा, “योगी जी और केशव जी मेरे अभिभावक हैं। राजू पाल हत्याकांड में अतीक-अशरफ के आतंक का अंत योगी सरकार ने किया।

सपा ने मुझे न्याय नहीं दिया, लेकिन बीजेपी ने दिया।” बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “समय आने पर बताऊंगी, लेकिन योगी जी का आभार तो जताना ही था।” इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, जहां कयास लगाए जा रहे हैं कि पूजा जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकती हैं।

बीजेपी जॉइन करने के सवाल पर पूजा पाल ने साफ कहा कि यह फैसला नेतृत्व लेगा। उन्होंने कहा, “जॉइनिंग जब होगी तब होगी। हम अभी सिर्फ सेवा और काम कर रहे हैं। चुनाव कहां से लड़ूंगी, यह भी ऊपर के लोग तय करेंगे।” पूजा पाल ने यह भी कहा कि पिछले 18 साल की लड़ाई में बीजेपी ने उन्हें न्याय दिलाया, और इसी कारण वह आज बीजेपी नेताओं के साथ खड़ी हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद सपा ने पूजा पाल को पार्टी से निकाल दिया था।

यह घटना सपा के लिए बड़ा झटका है, खासकर फूलपुर उपचुनाव में पूजा ने बीजेपी प्रत्याशी दीपक पटेल के लिए घर-घर प्रचार किया था। बीजेपी ने इसे “न्याय की जीत” बताते हुए स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “पूजा जैसे योद्धा बीजेपी का हिस्सा बनें, तो मजबूत होंगे।” वहीं, सपा ने इसे “बीजेपी का तुष्टिकरण” करार दिया। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “बागी विधायक सत्ता के लालच में गिर रही हैं।”

पूजा का बीजेपी से पुराना नाता है। वे लोकसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों के लिए अप्रत्यक्ष प्रचार कर चुकी हैं। कुछ रिपोर्ट्स में बसपा वापसी की भी अटकलें हैं, लेकिन प्रयागराज में लगी होर्डिंग्स बीजेपी की ओर इशारा कर रही हैं। 2027 चुनाव में चायल या प्रयागराज सीट से टिकट की संभावना पर चर्चा तेज है।
आगे क्या?