पुलिस का शर्मनाक कारनामा! अपने थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात शव को ई-रिक्शा में लादकर दूसरे इलाके में फेंका, सिपाही सस्पेंड…

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नौचंदी थाना के एल ब्लॉक चौकी क्षेत्र में गुरुवार देर रात मिले एक अज्ञात शव को जिम्मेदारी से बचने के लिए पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा में लादकर लोहियानगर थाना क्षेत्र में फेंक दिया। घटना CCTV में कैद हो गई, जो वायरल होते ही हंगामा मचा दिया।

एसएसपी विपिन टंडन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार, सिपाही राजेश कुमार और होमगार्ड रोहतास को निलंबित कर दिया। विभागीय जांच चल रही है, और दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का ऐलान किया गया है। यह मामला पुलिस की संवेदनहीनता को उजागर करता है, जहां शव को बोझ की तरह ट्रीट किया गया।



क्या है पूरा मामला?
गुरुवार रात करीब 1:50 बजे नौचंदी थाने के एल ब्लॉक चौकी इलाके के शास्त्री नगर में एक अज्ञात युवक का शव मिला। चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार के निर्देश पर सिपाही राजेश कुमार और होमगार्ड रोहतास ने पंचनामा, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से बचने के लिए शव को छिपाने का प्लान बनाया। उन्होंने ई-रिक्शा चालक को किराए पर लिया और शव को लोहियानगर थाना क्षेत्र की एक बंद दुकान के सामने फेंक दिया। रिक्शा चालक ने शव को उतारा, जबकि पुलिसकर्मी बाइक पर खड़े होकर निगरानी करते रहे। फिर वे तेजी से मौके से फरार हो गए।

शुक्रवार सुबह स्थानीय लोग दुकान के बाहर शव देखकर हड़बड़ा गए और लोहियानगर थाने को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो मामला संदिग्ध लगा। जांच के दौरान पास की दुकान के CCTV फुटेज से पूरी सच्चाई खुल गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो पुलिसकर्मी फैंटम बाइक पर हैं, पीछे ई-रिक्शा आता है, शव उतारा जाता है और सभी भाग जाते हैं। वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं खींच लीं, जहां लोग पुलिस पर “अमानवीय व्यवहार” का आरोप लगा रहे हैं।

शव की पहचान अभी नहीं हो सकी, लेकिन प्रारंभिक जांच में हत्या या संदिग्ध मौत का शक है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। लोहियानगर थाने ने अब नौचंदी थाने को नोटिस भेजा है। यदि हत्या साबित हुई, तो निलंबित पुलिसकर्मी आरोपी भी बन सकते हैं। एसएसपी ने सभी थानों को सर्कुलर जारी कर ऐसी लापरवाही पर सख्ती की चेतावनी दी।