पांवटा साहिब : पूर्व WWE चैंपियन और पूर्व हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण विकास सलाहकार समिति के अध्यक्ष द ग्रेट खली (दलजीत सिंह भदौरिया) एक जमीन विवाद में बुरी तरह घिर गए हैं। सुरजपुर क्षेत्र में उनकी कथित 3 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप लगाने के बाद तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
तहसीलदार ने साफ कहा कि खली और उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप बेबुनियाद हैं, और कोई सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं है। विभाग ने खली को नोटिस जारी किया है और सिविल कोर्ट के स्टे ऑर्डर की कॉपी मांगी है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी। यह विवाद स्थानीय राजनीति को भी हवा दे रहा है, जहां खली की BJP से नजदीकी पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
द ग्रेट खली ने 5 दिसंबर को मीडिया के सामने तहसीलदार और कुछ राजस्व अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पांवटा साहिब तहसील के सुरजपुर में उनकी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा कराया जा रहा है। खली के साथ कुछ महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि तहसीलदार ने उनकी जमीन को गलत तरीके से किसी अन्य के नाम पर दर्ज कर दिया, और पंजाब से आए कुछ लोग मौके पर मौजूद थे। खली ने डिप्टी कमिश्नर (DC) से तत्काल जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “यह मेरी पैतृक संपत्ति है, और अधिकारी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।”
लेकिन तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “खली जी जिस जमीन पर दावा कर रहे हैं, वह वास्तव में उनकी नहीं है। राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट है कि यह जमीन किसी अन्य व्यक्ति की है। बेबुनियाद आरोप लगाने से बेहतर होता कि वे भूमि की निशानदेही (डिमार्केशन) करवा लेते या सिविल कोर्ट से स्टे ऑर्डर की प्रति लेकर आते।” तहसीलदार ने जोर देकर कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। कोई सेलिब्रिटी या प्रभावशाली व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। हम विभागीय प्रक्रिया के तहत काम कर रहे हैं।” विभाग ने खली को 7 दिनों में जवाब देने का नोटिस जारी किया है।
- जनवरी 2025: खली ने सुरजपुर में 3 बीघा जमीन खरीदी, जो कथित रूप से उनकी पैतृक संपत्ति से जुड़ी थी।
- अक्टूबर 2025: स्थानीय निवासी ने जमीन पर कब्जे का दावा किया, जिसके बाद राजस्व विभाग ने जांच शुरू की।
- 4 दिसंबर 2025: सिविल कोर्ट में स्टे ऑर्डर जारी, लेकिन तहसीलदार के अनुसार खली ने स्टे की कॉपी नहीं दिखाई।
- 5 दिसंबर 2025: खली का मीडिया बयान, महिलाओं के साथ हंगामा।
- 6 दिसंबर 2025: तहसीलदार का खुलासा, नोटिस जारी।
तहसीलदार ने खुलासा किया कि खली के दावे पर आधारित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। इसके अलावा, विभाग ने पाया कि जमीन पर पहले से ही अन्य पक्ष का कब्जा है, और खली के समर्थकों ने बिना नोटिस के निर्माण शुरू करने की कोशिश की। यह मामला हिमाचल में अवैध कब्जे के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जहां पिछले साल 200 से अधिक केस दर्ज हुए।