पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 10वीं बार शपथ लेने पर लंदन स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से बधाई संदेश मिला है। संस्था ने एक औपचारिक पत्र जारी कर उनकी इस उपलब्धि को “भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास की अद्वितीय उपलब्धि” बताया है। पत्र में कहा गया है कि 1947 से 2025 तक के 78 वर्षों में नीतीश कुमार पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने किसी राज्य के मुख्यमंत्री पद पर 10 बार शपथ ली है।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उनकी इस उपलब्धि को अपनी वैश्विक सूची में दर्ज करने और आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान करने की घोषणा की है। यह बधाई संदेश नवंबर 2025 में पटना के गांधी मैदान में हुई शपथ-ग्रहण समारोह के बाद आया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के शीर्ष नेता मौजूद थे।
नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जो विधानसभा चुनावों में NDA की प्रचंड जीत के बाद हुआ। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के चेयरमैन डॉ. गौरव वर्मा ने पत्र में लिखा, “यह देश के लिए गौरव की बात है कि आप 1947 से 2025 तक के कालखंड में पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने दस बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।” संस्था ने इसे “लोकतंत्र की मजबूती और जनसेवा की मिसाल” करार दिया। नीतीश कुमार, जो जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, अब बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं। यदि वे इस कार्यकाल को पूरा करते हैं, तो वे सिक्किम के पूर्व CM पवन चामलिंग के 24 वर्ष के
रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के पत्र की मुख्य बातें
संस्था के पत्र में नीतीश कुमार की उपलब्धि को वैश्विक स्तर पर मान्यता देते हुए निम्नलिखित बिंदु उल्लिखित हैं:
- अद्वितीय रिकॉर्ड: “भारत के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में आप पहली बार 10वीं शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री हैं। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीवंतता को दर्शाता है।”
- जनसेवा की सराहना: नीतीश कुमार के विकास कार्यों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार, को “जन-केंद्रित शासन” का उदाहरण बताया गया।
- प्रमाण-पत्र की घोषणा: “इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में, हम आपका नाम अपनी प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में शामिल कर रहे हैं और आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगे।”
- भविष्य की शुभकामनाएं: “आपके नेतृत्व में बिहार की प्रगति नई ऊंचाइयों को छुएगी, जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा बनेगी।”
यह पत्र वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के आधिकारिक स्टेशनरी पर जारी किया गया है, जो लंदन से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है। यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की तरह विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड्स को मान्यता देती है।