लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) मतदाता सूची पर कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज्य में SIR कितने प्रतिशत पूरा हो चुका है, इसके आंकड़े तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
अखिलेश ने बीजेपी और आयोग पर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) समुदायों के वोटरों को सूची से हटाने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) पर ‘जानलेवा दबाव’ डालने का भी आरोप लगाते हुए प्रक्रिया रोकने और जांच की मांग की। यह बयान SIR के दूसरे चरण के बीच आया है, जहां BLO की मौतों और अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ रही हैं।
अखिलेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर चार प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता ‘अटल’ है और सत्ताधारियों के सहयोगी ‘पीछे के दरवाजे’ से हस्तक्षेप न करें। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि घोसी और अन्य विधानसभाओं में 20,000 से अधिक वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। आयोग ने अभी तक SIR प्रगति के आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार, राज्य में 1.54 करोड़ मतदाताओं की सूची का संशोधन चल रहा है। अखिलेश ने BLO की हालिया मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह ‘लोकतंत्र पर हमला’ है।
अखिलेश की चार प्रमुख मांगें: SIR पर सीधी अपील
अखिलेश ने एक्स पोस्ट में लिखा, “SIR पर सीधी माँग:”
क्रमांकमांग का विवरण1यूपी में कितने प्रतिशत SIR हुआ है, इसका आंकड़ा आज प्रकाशित किया जाए।2BLO पर जानलेवा दबाव हटाकर अतिरिक्त अधिकृत लोगों को समयावधि के अनुरूप इस काम पर लगाया जाए।3सुनिश्चित किया जाए कि सत्ताधारियों के दल और उनके संगी-साथी पिछले दरवाजे से इस काम में अब कभी दखल न दें।4प्रत्येक विधानसभा में PDA समाज के कितने लोगों को वोटर सूची से साजिशन हटाया जा रहा है, इसकी गहन जांच हो और इसे किसी भी सूरत में रोका जाए।
जल्दबाजी क्यों?
SIR विवाद की पृष्ठभूमि: BLO दबाव और PDA वोटरों पर खतरा
SIR, या विशेष गहन संशोधन, मतदाता सूची को शुद्ध करने का चुनाव आयोग का अभियान है, जो नवंबर 2025 से यूपी समेत 12 राज्यों में चल रहा है। यूपी में 403 विधानसभाओं के 1,62,486 मतदान केंद्रों पर 15.44 करोड़ मतदाता हैं।
- BLO पर दबाव: BLO को फॉर्म वितरण और सत्यापन का बोझ है, जिससे 40 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। आयोग ने नोएडा की प्राइवेट कंपनी को आउटसोर्स किया, जो प्रक्रिया तेज करने का दावा कर रही है।
- PDA वोटरों का सफाया: 2024 लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन की जीती सीटों पर प्रति विधानसभा 50,000 से अधिक वोट काटने की साजिश। घोसी में 20,000 नाम हटाए गए।
- अनियमितताएं: रुदौली में 2003 की पुरानी सूची अपलोड न होना, लखनऊ पूर्व में डुप्लिकेट लिस्ट, और फॉर्म वितरण में देरी। अखिलेश ने SIR को तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी।
- विपक्ष ने इसे ‘वोटरों को डराने’ का हथियार बताया, जबकि बीजेपी इसे ‘शुद्धिकरण’ कह रही है। आयोग ने SOP जारी करने का वादा किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: बीजेपी का पलटवार, आयोग की चुप्पी - बीजेपी ने अखिलेश के आरोपों को ‘झूठी प्रचार’ बताया। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “SIR लोकतंत्र की मजबूती के लिए है, सपा इसे तोड़ने की साजिश रच रही है।” अखिलेश ने मुलायम सिंह यादव की जयंती पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह PDA का वोट हड़पने का प्रयास है।” आयोग ने अभी SIR प्रगति के आंकड़े जारी नहीं किए, लेकिन शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है। यदि मांगें न मानी गईं, तो सपा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रही है।