एयरपोर्ट पर सूटकेस का ढेर और घंटों का इंतजार: इंडिगो की 400 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, चौथे दिन भी जारी हाहाकार

नई दिल्ली : देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर आज चौथा दिन है विमानन संकट का। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने शुक्रवार को 400 से अधिक फ्लाइट्स कैंसल कर दीं, जिसमें दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) से 225 आगमन-प्रस्थान शामिल हैं। घने कोहरे, क्रू शॉर्टेज और नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

एयरपोर्ट्स पर सूटकेसों का ढेर लग गया है, काउंटरों पर लंबी कतारें हैं और गुस्साए यात्री सोशल मीडिया पर अपनी फरियाद सुना रहे हैं। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो अधिकारियों को तलब किया है, जबकि विमान कंपनियों का फेडरेशन स्लॉट रीअलोकेशन की मांग कर रहा है। यह संकट छठे से सातवें दिन तक जारी रह सकता है, जिससे छुट्टियों के मौसम में लाखों यात्रियों की योजनाएं धरी रह गईं।

इंडिगो ने बयान जारी कर माफी मांगी है और कहा कि उनकी टीमें MoCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के सहयोग से सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट से सभी प्रस्थान रद्द हैं, जबकि मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में भी 100-200 फ्लाइट्स प्रभावित हैं। एक यात्री ने बताया, “12 घंटे से एयरपोर्ट पर फंसे हैं, न खाना, न पानी। इंडिगो की लापरवाही से हमारी जिंदगी बर्बाद हो रही है।” यह संकट 2 दिसंबर से शुरू हुआ, जब सॉफ्टवेयर ग्लिच और मौसम की मार पड़ी।

कैंसिलेशन का आंकड़ा: प्रमुख एयरपोर्ट्स पर हालात

  • मुंबई: 85-104 फ्लाइट्स कैंसल। OTP (ऑन-टाइम परफॉर्मेंस) महज 19.7%।
  • बेंगलुरु (KIA): 73-102 फ्लाइट्स कैंसल। 42 घरेलू फ्लाइट्स प्रभावित, जिसमें दिल्ली-मुंबई कनेक्शन शामिल।
  • हैदराबाद: 68-70 फ्लाइट्स कैंसल। 33 आउटबाउंड और 35 इनबाउंड रद्द।
  • अन्य: पुणे (16+16), अहमदाबाद (5), कोलकाता (4)। कुल मिलाकर 550+ फ्लाइट्स गुरुवार को कैंसल हुईं, जो आज बढ़कर 400+ हो गईं।

संकट की जड़ें: क्यों हो रही इतनी कैंसिलेशन?
इंडिगो के 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी के बावजूद, कई वजहें संकट पैदा कर रही हैं:

  • क्रू शॉर्टेज और FDTL नियम: नवंबर से लागू नई पायलट ड्यूटी-रेस्ट नियमों के कारण क्रू उपलब्धता घटी। जुलाई के फेज-1 के बाद पायलट लीव क्वोटा कटा, जिससे तनाव बढ़ा। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने DGCA को पत्र लिखकर स्लॉट अन्य एयरलाइंस को देने की मांग की।
  • घना कोहरा और मौसम: दिल्ली-एनसीआर में लो विजिबिलिटी से लैंडिंग-टेकऑफ मुश्किल। विंटर शेड्यूल चेंजेस ने समस्या बढ़ाई।
  • तकनीकी गड़बड़ी: SITA सॉफ्टवेयर सर्वर धीमा होने से बोर्डिंग पास और टिकट इश्यू में देरी। एयरस्पेस/ATC कंजेशन ने जाम लगाया।
  • कैस्केडिंग इफेक्ट: एक फ्लाइट डिले से चेन रिएक्शन, जो पूरे नेटवर्क को प्रभावित कर रहा। OTP 35% से गिरकर 19.7% हो गया।

यात्रियों की परेशानी: एयरपोर्ट पर हाहाकार
एयरपोर्ट्स पर दृश्य दिल दहला देने वाले हैं। दिल्ली में फ्लाइट इन्फो बोर्ड पर कैंसिलेशन की लिस्ट लंबी, काउंटरों पर धक्कम-धक्का। गोवा एयरपोर्ट पर 13 घंटे इंतजार के बाद यात्री भूखे-प्यासे। सोशल मीडिया पर #IndiGoChaos ट्रेंड कर रहा है, जहां यात्री खाने-पीने की व्यवस्था न होने की शिकायत कर रहे। DGCA ने एक्स्ट्रा सीटिंग, वॉटर-रिफ्रेशमेंट का आदेश दिया, लेकिन ग्राउंड लेवल पर कमी। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने कहा, “गेट चार बार बदला, दो घंटे डिले – ये क्या सर्विस है?”