नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के 12 बीजेपी सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात 2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुई, जिसमें राज्य में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को मात देने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमलों, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और चुनावी तैयारियों जैसे मुद्दों पर फोकस रहा।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों को राज्य में जन-आधारित अभियान को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार के खिलाफ जमीन पर मजबूती से खड़े रहें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखें। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की और हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने को प्रोत्साहित किया। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार ने बताया कि पीएम ने सभी का कुशलक्षेम पूछा और राज्य सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का मंत्र दिया।
मुख्य मुद्दे जो बैठक में उभरे
कानून-व्यवस्था और हिंसा: सांसदों ने ममता सरकार पर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों का आरोप लगाया। मालदा उत्तर के सांसद खगन मुरmu पर हाल ही में हुए हमले का जिक्र किया गया। पीएम ने इन घटनाओं को जनता के सामने प्रभावी ढंग से उजागर करने पर जोर दिया, ताकि टीएमसी की हिंसक छवि साफ हो।
प्राकृतिक आपदाओं का प्रबंधन: दार्जिलिंग, तराई और डूअर्स क्षेत्रों में हाल के भूस्खलन और बाढ़ की तबाही पर चर्चा हुई। सांसद राजू बिस्टा ने बताया कि राज्य सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर ‘आपदा’ घोषित करने से इनकार कर दिया, जिससे एसडीआरएफ फंड का आवंटन रुका हुआ है। इसके अलावा, चाय बागानों और सिनकोना गार्डन के मजदूरों की कठिनाइयों पर भी विचार किया गया।
विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान: चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची संशोधन अभियान को लेकर टीएमसी का विरोध तेज है। ममता बनर्जी ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ करार देते हुए ब्लॉक लेवल ऑफिसरों (BLO) पर दबाव का आरोप लगाया है, जिससे 40 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। दूसरी ओर, पीएम मोदी ने इसे ‘शुद्धिकरण प्रक्रिया’ बताया और सांसदों को निर्देश दिया कि इसे सरल प्रशासनिक कदम के रूप में पेश करें। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अयोग्य नाम हटाना जरूरी है, लेकिन कोई आंकड़े जारी न करें ताकि विवाद न बढ़े। खास तौर पर मटुआ समुदाय के वोटरों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
चुनावी रणनीति: 2021 में 77 सीटें जीतने वाली बीजेपी अब टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर तुली है। पीएम ने केंद्रीय योजनाओं जैसे पीएम मात्स्य संपदा योजना के लाभों को जनता तक पहुंचाने और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत प्रस्तुतियां तैयार करने को कहा। विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी पीएम और गृह मंत्री अमित शाह से अलग से मुलाकात की, जिसमें राज्य के विकास पर समर्थन मांगा गया।