अमरोहा : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-9 पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें चार युवा डॉक्टर छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डीसीएम से जा टकराई, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। यह घटना रजबपुर थाना क्षेत्र के अतरासी गांव के पास फ्लाईओवर के निकट रात करीब 10 बजे घटी। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में सन्नाटा छा गया और परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे का पूरा विवरण
कैसे हुआ हादसा?: मेरठ से गाजियाबाद की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार अंधेरे में सड़क किनारे माल से लदा डीसीएम देख नहीं पाई और सीधे उसमें घुस गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें सवार चारों युवक, जो वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी (मेरठ) के एमबीबीएस छात्र थे, मौके पर ही शहीद हो गए। शवों को बाहर निकालने के लिए कार को काटना पड़ा।
पीड़ितों की पहचान: मृतकों में अर्नव चक्रवर्ती, आयुष शर्मा, श्रेष्ठ पंचोली और सप्तर्षि दास शामिल हैं। ये सभी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके थे और यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप कर रहे थे। चारों दिल्ली की ओर लौट रहे थे।
राहत और बचाव कार्य: सूचना मिलते ही रजबपुर पुलिस, एसएसआई और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। डीसीएम चालक को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कार की अधिक गति मुख्य कारण बताई जा रही है।
इलाके में बढ़ते हादसों की चिंता
यह हादसा NH-9 पर हुई घटनाओं की कड़ी का हिस्सा है। उसी रात एक अन्य दुर्घटना में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई। कुल मिलाकर दो हादसों में छह लोगों की जान गई। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर अंधेरा, खराब लाइटिंग और वाहनों की तेज रफ्तार इन दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। स्थानीय लोगों ने अवैध पार्किंग और सड़क सुरक्षा के लिए सख्ती की मांग की है।
परिवारों का दर्द
मृतकों के परिवारों पर विपदा टूट पड़ी है। अर्नव के पिता ने बताया, “बेटा इंटर्नशिप के बाद घर आ रहा था, कभी सोचा नहीं था कि ये आखिरी मुलाकात होगी।” आयुष के परिजन गाजियाबाद से अमरोहा पहुंचे और शव प्राप्ति में जुटे हैं। यूनिवर्सिटी ने शोक व्यक्त करते हुए छात्रों के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया है।