BHU में देर रात हंगामा: छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच पत्थरबाजी, 100 से ज्यादा घायल. 5 थानों की फोर्स ने संभाला मोर्चा!

वाराणसी – काशी हिंदू विश्वविद्यालय का कैंपस मंगलवार देर रात युद्धक्षेत्र बन गया। एक मामूली विवाद ने विकराल रूप ले लिया और छात्रों व प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर पत्थरबाजी व मारपीट हुई। करीब 3 घंटे चले इस बवाल में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिसमें छात्र, सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी शामिल हैं। स्थिति बिगड़ते ही प्रशासन ने 5 थानों की भारी फोर्स बुला ली, जिसने लाठीचार्ज कर हंगामा शांत किया। कैंपस को छावनी में बदल दिया गया है।

विवाद की शुरुआत: घटना राजाराम हॉस्टल के पास से शुरू हुई। बिड़ला हॉस्टल के एक छात्र को एक गाड़ी से धक्का लग गया। नाराज छात्र शिकायत लेकर चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई। छात्रों का आरोप है कि गार्डों ने उन पर हाथापाई की और मारपीट की।

हिंसा का दौर: बहस होते ही सैकड़ों छात्र जुट गए। वे एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर पहुंचे और वहां लगे गमले, कुर्सियां, वाहन तोड़ने लगे। ‘तमिल संगमम’ और ‘वणक्कम काशी’ के पोस्टर फाड़ दिए गए। हाथों में रॉड-डंडे लहराते छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर बरसाए। जवाब में गार्डों ने लाठी भांजी, जिससे मामला और भड़क गया।

पुलिस का हस्तक्षेप: सूचना मिलते ही लंका, भेलूपुर, सिगरा समेत 5 थानों की पुलिस और 4 ट्रक पीएसी फोर्स मौके पर पहुंची। करीब 300 छात्रों को 200 सुरक्षाकर्मियों और 50 पुलिसकर्मियों ने खदेड़ा। 3 घंटे तक ‘गोरिल्ला युद्ध’ जैसी स्थिति बनी रही – पत्थरबाजी, लाठीचार्ज और दौड़-भाग का सिलसिला चला। आखिरकार, छात्रों को हॉस्टल तक खदेड़ दिया गया।

नुकसान और घायल: कौन-कौन प्रभावित?

घायलों की संख्या: 50 छात्र, 40 सुरक्षाकर्मी और 10 पुलिसकर्मी चोटिल। कुछ छात्रों का सिर फट गया, जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया। ब्रोचा हॉस्टल के एक छात्र को गलती से बीच में आ जाने पर चोट लगी।

संपत्ति का नुकसान: एलडी चौराहे पर 10 से ज्यादा गमले, वाहन, कुर्सियां और सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त। कैंपस में आधा किलोमीटर तक ईंट-पत्थर बिखरे पड़े थे। कुलपति आवास का घेराव भी हुआ।

छात्रों का दावा: छात्रों ने कहा, “प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने गार्डों से हमें पिटवाया। हम सिर्फ शिकायत कर रहे थे, लेकिन हिंसा भड़का दी।” वहीं, सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि छात्रों ने पहले ही तोड़फोड़ शुरू कर दी।

विश्वविद्यालय प्रशासन: चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा, “मामूली दुर्घटना को छात्रों ने उछाला। हमने पुलिस की मदद से शांति बहाल की। कैंपस में अतिरिक्त फोर्स तैनात है। जांच चल रही है।” बुधवार को तमिलनाडु के 216 छात्रों का स्वागत होना है, इसलिए सतर्कता बरती जा रही।

पुलिस का बयान: एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया, “कोई गंभीर चोट नहीं। वीडियो सबूतों से जांच होगी। छात्रों को चेतावनी दी गई है।” हॉस्टल मार्ग बंद कर दिया गया।

छात्र संगठनों की मांग: छात्र यूनियन ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें पत्थरबाजी और लाठीचार्ज साफ दिख रहा।