बलिया – उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के एक विवादित बयान ने बलिया जिले में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। मंत्री ने बलिया के लोगों को ‘अंग्रेजों के दलाल’ बताते हुए कहा कि ‘यहां दलाली का सिस्टम आज भी चल रहा है, इसलिए बलिया बर्बाद है।’ इस बयान पर स्थानीय संगठन करणी सेना ने कड़ा ऐतराज जताया और एक चौंकाने वाली घोषणा कर दी – मंत्री की जीभ काटकर लाने वाले को 5 लाख 51 हजार रुपये का इनाम!
मंत्री का बयान: शनिवार को बांसडीह के पिण्डहरा गांव में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में मंत्री संजय निषाद ने कहा, “बलिया में अंग्रेजों के दलाल बहुत थे। आज भी दलाली का सिस्टम चल रहा है, इसी कारण जिला पिछड़ा हुआ है।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे बलिया के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
बलिया का गौरवशाली इतिहास: बलिया को ‘बागी बलिया’ के नाम से जाना जाता है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में यहां सबसे पहले अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंका गया था। मंगल पांडे जैसे क्रांतिकारियों की जन्मभूमि होने का दावा करते हुए स्थानीय लोग मंत्री के बयान को जिले के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बता रहे हैं।
करणी सेना का धमाकेदार ऐलान
करणी सेना के बलिया जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा, “बलिया बागियों की धरती है, जहां मंगल पांडे ने क्रांति की बिगुल बजाई। मंत्री ने पूरे जिले को बदनाम करने की कोशिश की है। अगर कोई युवा उनकी जीभ काटकर लाएगा, तो हम 5 लाख 51 हजार रुपये इनाम देंगे। संगठन मुकदमे का खर्च भी उठाएगा।” कमलेश सिंह ने आगे कहा, “अगर मैं खुद मिलूं, तो राख लगाकर उनकी जुबान खींच लूंगा!”
यह घोषणा वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोग इसे ‘अनुचित धमकी’ बता रहे हैं, तो कुछ इसे ‘स्थानीय गुस्से का प्रतीक’ मान रहे हैं।
कांग्रेस का विरोध: जिला अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने बांसडीह कोतवाली में तहरीर देकर मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंत्री का ‘अंतिम संस्कार’ निकालकर विरोध जताया। कांग्रेस ने कहा, “मंत्री ने बलिया के गौरव को ठेस पहुंचाई है। चंद्रशेखर आजाद जैसे नायक भी यहीं से थे।”