इस्लामाबाद : पाकिस्तान में राजनीतिक संकट ने हिंसक रूप ले लिया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहों ने पूरे देश को आग के गोले में बदल दिया है। रावलपिंडी के एडियाला जेल के बाहर हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए, जिसके जवाब में सरकार ने कर्फ्यू (सेक्शन 144) लगा दिया और सेना की भारी तैनाती कर दी। PTI कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इमरान को ‘डेथ सेल’ में रखा गया है, और अब तक कोई ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ नहीं दिया गया। आइए, जानते हैं इस रहस्यमयी संकट की पूरी डिटेल और इसके पीछे की साजिशें।
अफवाहों का सफर: 26 नवंबर 2025 को अफगानिस्तान के सोशल मीडिया हैंडल्स, जैसे ‘अफगानिस्तान टाइम्स’, ने दावा किया कि इमरान खान को रावलपिंडी के एडियाला जेल में ‘मिस्टिरियस तरीके से’ मार दिया गया है। आरोप लगाया गया कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने यह साजिश रची। ये अफवाहें तालिबान की तरफ से ‘टिट-फॉर-टैट’ का जवाब बताई जा रही हैं, क्योंकि पाकिस्तान-अफगानिस्तान रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं।
परिवार का दावा: इमरान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर कहा, “845 दिनों से जेल में बंद मेरे पिता को पिछले 6 हफ्तों से ‘डेथ सेल’ में अकेले रखा गया है। कोई फोन कॉल, कोई मिलने की इजाजत नहीं। हमें डर है कि कुछ ‘इर्रिवर्सिबल’ छिपाया जा रहा है।” उनकी बहन एलीमा खान ने कहा, “ये अफवाहें पब्लिक रिएक्शन टेस्ट करने के लिए फैलाई जा रही हैं।”
सरकार का खंडन: पाक सरकार और जेल अधिकारियों ने साफ किया कि इमरान जिंदा हैं और जेल में ही हैं। लेकिन कोई फोटो या वीडियो प्रूफ नहीं दिया गया, जिससे संदेह और गहरा गया। पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा, “इमरान पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से मीटिंग्स रोकी गई हैं।”
रावलपिंडी में कर्फ्यू और सेना की तैनाती: विरोध प्रदर्शनों का दबाव
प्रदर्शन का तूफान: 1 दिसंबर 2025 को PTI ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर और एडियाला जेल पर मार्च निकाला। हजारों समर्थक ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ मांगते हुए सड़कों पर उतरे। खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी ने 16 घंटे का सिट-इन किया, लेकिन मीटिंग की इजाजत नहीं मिली।
कर्फ्यू का ऐलान: रावलपिंडी डिप्टी कमिश्नर ने 1 से 3 दिसंबर तक सेक्शन 144 लागू कर दिया, जो सार्वजनिक सभाओं पर बैन लगाता है। इस्लामाबाद में भी यही आदेश है। कारण बताया गया – ‘सुरक्षा खतरा’।
सेना की भूमिका: जेल के आसपास सैकड़ों आर्मी ट्रूप्स तैनात कर दिए गए। PTI का आरोप है कि इमरान की बहनों को जेल के बाहर हमला किया गया, जिसके बाद समर्थकों ने जेल पर ‘धावा’ बोल दिया। TIME मैगजीन के अनुसार, “इमरान को पब्लिक इमेजिनेशन से मिटाने की कोशिश हो रही है।”
PTI नेता असद कायसर ने कहा, “हम संसद के दोनों सदनों से सांसदों को मार्च में शामिल होने के लिए बुला रहे हैं।” अगर प्रदर्शन भड़के, तो सिविल वॉर जैसी स्थिति बन सकती है।