नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र दूसरे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों ने विशेष गहन संशोधन (SIR) पर बहस की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो गई। INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर धरना दिया, जिसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हुए। इसके अलावा, दिल्ली में 10 नवंबर के धमाके से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे और दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सरकार को घेरने की तैयारी है। आइए, जानते हैं दिन-2 की पूरी घटनाक्रम और इन दो बड़े मुद्दों की डिटेल।
दिन-2 का हंगामा: SIR पर विपक्ष का ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ नारा
सोमवार को पहले ही दिन विपक्ष की नारेबाजी से सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित हो गई थी। मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को
सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही में भी यही हाल रहा
लोकसभा में रुकावट: स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष को चेतावनी दी कि सदन की गरिमा को ठेस न पहुंचाएं, लेकिन कांग्रेस, DMK और अन्य दलों के सांसद वेल में आकर SIR पर बहस की मांग करने लगे। नारे लगे – “वोट चोर, गद्दी छोड़!” और “लोकतंत्र बचाओ!”
राज्यसभा में वॉकआउट: राज्यसभा में भी SIR बहस की मांग पर विपक्ष ने वॉकआउट किया। सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि सरकार चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन समयसीमा तय नहीं हो सकती।
संसद के बाहर धरना: सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोनिया गांधी, खड़गे, राहुल गांधी और अन्य ने SIR को “लोकतंत्र पर हमला” बताया। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “जनता के मुद्दों पर चर्चा न करना ही असली ड्रामा है।”
सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर “नाटक” का आरोप लगाया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “हम विपक्ष की बात सुनने को तैयार हैं, लेकिन व्यवस्थित तरीके से।” दिन भर सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित रही, और केवल कुछ बिल पेश हो सके।
पहला बड़ा मुद्दा: SIR (विशेष गहन संशोधन) – विपक्ष का आरोप ‘चुनावी धांधली’ SIR मतदाता सूची का विशेष संशोधन है, जो 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है। विपक्ष इसे “चुनावी फ्रॉड” बता रहा है:
विपक्ष का स्टैंड: कांग्रेस का कहना है कि SIR से लाखों वोटरों के नाम कट सकते हैं, खासकर अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के। पश्चिम बंगाल में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत को जोड़कर वे कहते हैं कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं। DMK सांसद K. कनिमोजी ने कहा, “यह लोकतंत्र की रक्षा का सवाल है।”
सरकार का जवाब: चुनाव आयोग ने कहा कि SIR मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाने के लिए है, और कोई नाम कटने की बात गलत है। सरकार ने कहा कि बहस संभव है, लेकिन सत्र के एजेंडे के अनुसार।
प्रभाव: बिहार चुनाव नतीजों के बाद विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है। अगर बहस न हुई, तो हंगामा और तेज हो सकता है।
दूसरा बड़ा मुद्दा: दिल्ली धमाका और वायु प्रदूषण – राष्ट्रीय सुरक्षा व पर्यावरण पर सवाल
दिल्ली धमाका (10 नवंबर): रेड फोर्ट के पास हुए धमाके को राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताते हुए विपक्ष ने बहस की मांग की। राहुल गांधी ने कहा, “सरकार खामोश क्यों है? क्या यह आतंकी हमला था?” विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली पुलिस की लापरवाही से ऐसा हुआ। सरकार ने कहा कि जांच चल रही है, और कोई बड़ी साजिश नहीं।
वायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में AQI 400 से ऊपर पहुंच गया है। विपक्ष ने कहा, “सर्दी शुरू होते ही सांस लेना मुश्किल, लेकिन सरकार सो रही है।” वे स्टबल बर्निंग, वाहन उत्सर्जन और अंतरराज्यीय समन्वय पर बहस चाहते हैं। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि GRAP उपाय सक्रिय हैं, लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं।
ये मुद्दे विपक्ष को एकजुट कर रहे हैं, और सत्र के 15 दिनों में हंगामा जारी रह सकता है।