नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में हाहाकार मच गया है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी बिटकॉइन (BTC) की कीमत सोमवार को 7% से ज्यादा गिरकर 85,000 डॉलर से नीचे आ गई। अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते में रिकॉर्ड 126,210 डॉलर के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद, यह महज 8 हफ्तों में 33% की भारी गिरावट का शिकार हो गई। आखिर क्या है इस बिकवाली का राज? आइए, डिटेल में समझते हैं इस क्रिप्टो क्राइसिस की पूरी कहानी।
बिटकॉइन की कीमत का ग्राफ: ऊंचाई से गिरी गहराई
- रिकॉर्ड हाई: 6 अक्टूबर 2025 को बिटकॉइन ने 126,210.50 डॉलर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था, जो क्रिप्टो निवेशकों के लिए सपनों जैसा था।
- गिरावट का सफर: नवंबर में ही 17% की कमी आई, और दिसंबर की शुरुआत में यह 85,000 डॉलर के नीचे स्लिप कर गई। कुल मिलाकर, अक्टूबर से अब तक 33% का लुढ़काव।
- मार्केट कैप का झटका: पूरा क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे खिसक गया, जो महीनों के हाई से भारी गिरावट दर्शाता है।
यह गिरावट इतनी तेज है कि बिटकॉइन अब आधिकारिक तौर पर ‘बेयर मार्केट’ में प्रवेश कर चुका है, जहां कीमत रिकॉर्ड हाई से 20% या इससे ज्यादा नीचे होती है।
गिरावट के पीछे क्या हैं मुख्य कारण? : क्रिप्टो मार्केट की यह मंदी अचानक नहीं आई। कई फैक्टर मिलकर इसे नीचे धकेल रहे हैं:
रिस्क-ऑफ सेंटिमेंट: निवेशक रिस्की एसेट्स से दूर भाग रहे हैं। टेक्नोलॉजी शेयर्स की बिकवाली के साथ क्रिप्टो भी डूबा। सोमवार को ही लगभग 1 बिलियन डॉलर के लीवरेज्ड पोजीशन्स लिक्विडेट हो गए।
लीवरेज्ड बेट्स का धमाका: अक्टूबर में 19 बिलियन डॉलर के लीवरेज्ड बेट्स वाइप आउट हुए, जो हाई से ठीक बाद का झटका था। मासिक एल्गोरिदम रीसेट ने मास लिक्विडेशन्स को ट्रिगर किया।
ETF डिमांड में कमी: बिटकॉइन ETF की मांग कमजोर पड़ गई, जो पहले बुल मार्केट का इंजन था।
ग्लोबल इकोनॉमिक प्रेशर: US फेडरल रिजर्व की हाई इंटरेस्ट रेट्स ने इकोनॉमिक स्लोडाउन का डर पैदा किया। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के सलाहकारों ने भी रेट कट्स की मांग की, लेकिन फिलहाल कोई राहत नहीं।
स्टेबलकॉइन चिंता: S&P ग्लोबल ने USDT (दुनिया का सबसे बड़ा स्टेबलकॉइन) की स्थिरता को सबसे निचले रेटिंग पर डाउनग्रेड किया। अगर बिटकॉइन और गिरा, तो USDT अंडरकोलेटरलाइज्ड हो सकता है।
कॉर्पोरेट प्रॉफिट वार्निंग: माइकल सेलर की माइक्रोस्ट्रैटेजी (बिटकॉइन की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट होल्डर) ने 2025 के लिए अर्निंग्स फोरकास्ट कट किया, जिससे बिकवाली तेज हुई। कंपनी ने 1.4 बिलियन डॉलर का रिजर्व बनाया डिविडेंड्स के लिए, लेकिन 56 बिलियन डॉलर के BTC होल्डिंग्स पर दबाव बढ़ा।
नॉर्थईस्टर्न वार्निंग: चीन की सेंट्रल बैंक (PBOC) ने क्रिप्टो रिस्क्स पर चेतावनी दी, जो ग्लोबल सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही।
विश्लेषकों का कहना है कि लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स भी मार्केट से बाहर निकल रहे हैं, जिससे वॉल्यूम हाई रहते हुए गिरावट बनी हुई है।
क्रिप्टो मार्केट पर असर: सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, सब डूबा
ईथर (ETH): 6% गिरकर 2,900 डॉलर से नीचे।
ओवरऑल मार्केट: 3 ट्रिलियन डॉलर कैप से नीचे, जो नवंबर के बाद सबसे खराब महीना साबित हो रहा।
अन्य कोइन्स: सोलाना, कार्डानो जैसी अल्टकॉइन्स में 10% तक की गिरावट।