नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है, और पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। सुबह 10 बजे संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “ड्रामा करने की कई जगहें हैं, जो ड्रामा करना चाहता है, कर सकता है। यहां नारों पर नहीं, नीति पर जोर होना चाहिए।” उन्होंने बिहार चुनावों में हार के बाद विपक्ष की ‘नकारात्मकता’ पर चुटकी ली और सदन को ‘डिलीवरी’ पर केंद्रित रखने की अपील की। यह बयान सत्र की शुरुआत से पहले आया, जब विपक्ष SIR मुद्दे पर हंगामा करने की तैयारी में था।
पीएम मोदी का संदेश: नकारात्मकता छोड़ें, राष्ट्र निर्माण पर ध्यान दें
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि संसद का यह सत्र देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि चुनावी हार का दुख सदन की कार्यवाही को प्रभावित न करे। “बिहार के नतीजों के बाद विपक्ष अभी भी हिल गया है। मैंने सोचा था कि समय बीत चुका होगा, लेकिन हार उन्हें इतना परेशान कर रही है कि वे सदन को बाधित कर रहे हैं।” मोदी ने जोड़ा, “संसद ड्रामा का स्थान नहीं, बल्कि नीतियां बनाने और लागू करने का मंच है। सकारात्मक सोच से ही राष्ट्र निर्माण संभव है।”
विपक्ष पर तंज: पीएम ने कहा, “नारे लगाने के लिए पूरा देश उपलब्ध है। जहां हार गए, वहां लगाए, जहां हारने वाले हो, वहां भी लगाओ। लेकिन संसद में सशक्त मुद्दे उठाओ, जो जनता के हित में हों।” उन्होंने विपक्ष के पिछले 10 साल के ‘खेल’ को जनता द्वारा अस्वीकार्य बताया और रणनीति बदलने पर ‘टिप्स’ देने की पेशकश की।
सत्र का महत्व: मोदी ने कहा कि संसद को देश की अपेक्षाओं को संतुलित तरीके से पूरा करना चाहिए। सभी सांसदों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलना चाहिए, न कि हार-जीत के बहाने सदन को बाधित किया जाए।
इस बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पलटवार किया, “संसद में चर्चा के कई मुद्दे हैं। इसे ड्रामा कहना ठीक नहीं।” विपक्ष ने SIR पर स्थगन प्रस्ताव दिया है, जिसमें मतदाता सूची संशोधन को ‘वोटबंदी’ बताया गया है।
सत्र की शुरुआत: हंगामा और कार्यवाही
सत्र की पहली बैठक में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष के नारों से हंगामा हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पहली बैठक की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों से सहयोग की अपील की, लेकिन विपक्ष ने SIR, दिल्ली विस्फोट, वायु प्रदूषण और महंगाई पर बहस की मांग की।
सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 15 बैठकें निर्धारित हैं। आज ही 14 महत्वपूर्ण बिल पेश होने हैं, जिनमें परमाणु ऊर्जा बिल और उच्च शिक्षा कमीशन बिल शामिल हैं।