नई दिल्ली: केंद्र सरकार तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन, यानी 1 दिसंबर 2025 को, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगी। इनमें से एक ‘हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025’ गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पादों के उत्पादन पर नया सेस लगाने का प्रावधान करेगा, जबकि दूसरा ‘सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025’ तंबाकू उत्पादों पर उच्च एक्साइज ड्यूटी सुनिश्चित करेगा।
वर्तमान में गुटखा, पान मसाला, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर 28% जीएसटी के साथ-साथ कंपेंसेशन सेस लगता है, जो कुल टैक्स को 50% से ज्यादा पहुंचा देता है। यह सेस कोविड काल में राज्यों को राजस्व क्षतिपूर्ति के लिए लिया गया कर्ज चुकाने के लिए लगाया गया था। अब दिसंबर 2025 तक यह कर्ज चुक जाने के बाद कंपेंसेशन सेस समाप्त हो जाएगा। नया सेस इसी कमी को पूरा करेगा, ताकि ‘सिन गुड्स’ पर टैक्स का बोझ कम न हो।
सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा। सेस की राशि उत्पादन क्षमता पर आधारित होगी – मसलन, एक मशीन जो प्रति मिनट 500 पाउच (2.5 ग्राम) बना सकती है, उस पर करीब 100 रुपये प्रति माह का सेस लग सकता है। जरूरत पड़ने पर सेस को दोगुना भी किया जा सकता है।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: हर गुटखा-पान मसाला निर्माता को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के उत्पादन को अवैध माना जाएगा।
उत्पादन प्रक्रिया पर नजर: सेस मैन्युफैक्चरिंग मशीनों और प्रक्रियाओं पर लगेगा, जिससे कर चोरी रुकेगी।
सजा का प्रावधान: नियम तोड़ने पर 5 साल तक की जेल हो सकती है, लेकिन कंपनियां अपीलीय प्राधिकरण से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपील कर सकती हैं।
कीमतों पर असर: टैक्स बोझ वही रहेगा, इसलिए उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उद्योग को अनुपालन का अतिरिक्त बोझ झेलना पड़ेगा।
स्वास्थ्य और सुरक्षा का कनेक्शन
सरकार का तर्क है कि तंबाकू उत्पादों का सेवन कैंसर और अन्य बीमारियों को बढ़ावा देता है, जो स्वास्थ्य बजट पर दबाव डालता है। साथ ही, इससे जुड़े अवैध व्यापार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। नया सेस इन क्षेत्रों के लिए फंड जुटाएगा। सितंबर 2025 में जीएसटी काउंसिल ने भी इन उत्पादों पर मौजूदा दरें बनाए रखने का फैसला किया था।