अलीगढ़ : महिला कॉन्स्टेबल ने की खुदकुशी, 9 साल पहले हुई थी ज्वाइनिंग, मौत से पहले WhatsApp स्टेटस पर लिख गई ये बात!

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। रोरावर थाने में तैनात 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल हेमलता ने अपने किराए के मकान में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। हेमलता ने 9 साल पहले पुलिस विभाग में ज्वाइनिंग की थी और अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित मानी जाती थीं। मौत से ठीक पहले उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक भावुक संदेश लिखा- “मुझे माफ कर देना”। यह संदेश जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

जानकारी के अनुसार, 29 नवंबर को हेमलता ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं। जब थाने पर उनकी अनुपस्थिति की सूचना मिली, तो एक साथी कांस्टेबल ने उनके व्हाट्सएप स्टेटस को नोटिस किया। चिंता बढ़ने पर साथी उनके किराए के मकान पर पहुंचे, जहां दरवाजा बंद पाकर मिला। अंदर जाकर देखा तो हेमलता छत के पंखे से लटकी हुई थीं। सूचना मिलते ही अलीगढ़ पुलिस, फॉरेंसिक टीम और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

हेमलता मूल रूप से बरेली जिले की रहने वाली थीं। उन्होंने 2016 में यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर ज्वाइनिंग की थी और पिछले दो साल से अलीगढ़ के रोरावर थाने में तैनात थीं। वह अकेली रहती थीं और परिवार से दूर अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही थीं। पड़ोसियों के मुताबिक, वह सामान्य रूप से खुशमिजाज रहती थीं, लेकिन हाल ही में कुछ तनावग्रस्त नजर आ रही थीं।

मौत से कुछ घंटे पहले हेमलता ने अपने व्हाट्सएप पर स्टेटस अपलोड किया था, जिसमें सिर्फ इतना लिखा था- “मुझे माफ कर देना”। पुलिस ने इसे संभावित सुसाइड नोट के रूप में लिया है। फिलहाल कोई लिखित सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। साइबर सेल इसकी फॉरेंसिक जांच कर रही है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। हेमलता के परिवार, सहकर्मियों और दोस्तों से पूछताछ जारी है। कुछ रिपोर्ट्स में कार्यस्थल पर दबाव या निजी समस्याओं का जिक्र है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। एसएसपी अलीगढ़ ने कहा, “यह एक दुखद घटना है। पूरी टीम मामले की गहन जांच कर रही है। अगर कोई लापरवाही या उत्पीड़न पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।”

घटना के बाद अलीगढ़ पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जहां तनावग्रस्त कर्मचारी अपनी बात साझा कर सकते हैं। एसपी सिटी ने बताया कि विभाग में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। हेमलता के परिवार को सरकारी सहायता राशि और अन्य लाभ तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह घटना पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य और कार्य दबाव को लेकर फिर से बहस छेड़ रही है। हेमलता जैसी समर्पित महिला का जाना न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए क्षति है। जांच पूरी होने का इंतजार है, लेकिन यह सवाल उठा रहा है कि क्या हमारी व्यवस्था में सुसाइड रोकने के लिए पर्याप्त कदम हैं? अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।