नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई FIR, संपत्ति हड़पने का आरोप

नई दिल्ली : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक नई FIR दर्ज की है। इस FIR में सोनिया और राहुल के अलावा छह अन्य लोगों और कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि उन्होंने ‘यंग इंडियन’ नाम की कंपनी के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को धोखाधड़ी से हथिया लिया। AJL नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी थी, जो मूल रूप से कांग्रेस से जुड़ी हुई थी।

नेशनल हेराल्ड केस 2012 से चल रहा है, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी। स्वामी ने आरोप लगाया था कि सोनिया और राहुल ने ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ (YI) नाम की कंपनी बनाकर AJL की संपत्ति पर कब्जा कर लिया। ED की जांच के मुताबिक, कांग्रेस ने AJL को 90.25 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण दिया था।

बाद में यह ऋण YI को मात्र 50 लाख रुपये में हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके बाद YI ने AJL के शेयर खरीद लिए। सोनिया और राहुल के पास YI में 76% हिस्सेदारी है (प्रत्येक के पास 38%)। ED का दावा है कि यह सारी प्रक्रिया साजिश के तहत की गई, जिसमें धोखाधड़ी (IPC 420) और विश्वासघात (IPC 406) जैसे अपराध शामिल हैं।

इस नई FIR का आधार ED मुख्यालय की शिकायत है, जो PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की धाराओं 3 और 4 के तहत दर्ज की गई। इससे पहले अप्रैल 2025 में ED ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें सोनिया, राहुल, सम पित्रोदा, सुमन दुबे, दिवंगत मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, YI और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया था।

दिल्ली पुलिस की इस नई FIR में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  • सोनिया गांधी (कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया)
  • राहुल गांधी (लोकसभा में विपक्ष के नेता)
  • सम पित्रोदा (इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ)
  • सुमन दुबे (पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष)
  • सुनील भंडारी (व्यवसायी)
  • यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी)
  • डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी)
  • एक अन्य व्यक्ति (विवरण अस्पष्ट, लेकिन कुल छह अतिरिक्त नाम)।

29 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में ED की चार्जशीट पर सुनवाई हुई, जहां जज विशाल गोग्ने ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अगली सुनवाई 16 दिसंबर को निर्धारित है, जहां कोर्ट तय करेगा कि चार्जशीट पर संज्ञान लेना है या नहीं। सोनिया की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि कोई ठोस संपत्ति का हस्तांतरण नहीं हुआ और यह राजनीतिक प्रतिशोध है। वहीं, राहुल की ओर से आरएस चेमा ने कहा कि कांग्रेस ने AJL को बचाने की कोशिश की थी, न कि बेचने की।

कांग्रेस ने हमेशा इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी का कहना है कि ED और CBI जैसी एजेंसियां सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं। नई FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन यह विपक्ष को दबाने की साजिश है।” राहुल गांधी ने पहले कहा था कि नेशनल हेराल्ड स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है और इसे पुनर्जीवित करने का प्रयास गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।