हापुड़ : उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी की घटना के बाद जिला प्रशासन ने श्मशान घाटों पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। अब किसी भी शव का अंतिम संस्कार करने से पहले उसका वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अभिषेक पांडे ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना पहचान सत्यापन के किसी भी शव को श्मशान घाट में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह कदम बीमा क्लेम हड़पने के लिए प्लास्टिक के पुतले का अंतिम संस्कार करने की कोशिश के बाद उठाया गया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।
मामला जिले के गढ़मुक्तेश्वर स्थित ब्रजघाट श्मशान घाट का है, जो गंगा नदी के किनारे प्रसिद्ध घाट है। 27 नवंबर को दिल्ली के चार युवक हरियाणा नंबर की कार में एक ‘शव’ लेकर यहां पहुंचे। उन्होंने मृतक का नाम ‘अंशुल’ बताया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।
लेकिन जब पंडित ने कफन हटाया, तो सामने प्लास्टिक की डमी (पुतला) निकला। स्थानीय लोगों को शक हो गया, जिन्होंने तुरंत हंगामा मचा दिया। दो आरोपी—कमल सोमानी और आशीष खुराना—पकड़े गए, जबकि दो फरार हो गए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बीमा क्लेम के लिए यह साजिश रच रहे थे। वे जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर 50 लाख रुपये का क्लेम हासिल करना चाहते थे। अस्पताल ने उन्हें गलती से नकली शव दे दिया, ऐसा बहाना बनाकर बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों में आक्रोश फैलाया, बल्कि पूरे जिले में सनसनी मचा दी।
डीएम अभिषेक पांडे ने तत्काल एडवाइजरी जारी की, जिसमें श्मशान घाटों पर नई गाइडलाइन लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य
बिंदु इस प्रकार हैं:
1. शव का चेहरा देखकर आधार कार्ड या कोई वैध पहचान पत्र से सत्यापन अनिवार्य।
2. वेरिफिकेशन के बाद ही रजिस्टर में मृतक का नाम दर्ज होगा।
3. नगर पालिका द्वारा दाह संस्कार प्रमाण पत्र तभी जारी होगा, जब सत्यापन पूरा हो।
4. अंतिम यात्रा वाहन केवल एक निर्दिष्ट गेट से प्रवेश करेंगे, निगरानी बढ़ाई जाएगी।
5. लापरवाही पर कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जिसमें जुर्माना या निलंबन शामिल।
पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों को सतर्क रहने और हर शव की जांच करने का निर्देश दिया गया है। चेयरमैन राकेश कुमार बजरंगी ने कहा कि यह कदम घाटों की पवित्रता बनाए रखने और धोखाधड़ी रोकने के लिए जरूरी है। डीएम ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर संबंधित पक्षों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
यह नया नियम हापुड़ के सभी श्मशान घाटों, खासकर ब्रजघाट पर लागू होगा, जहां प्रतिदिन सैकड़ों अंतिम संस्कार होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल फ्रॉड रुकेगा, बल्कि शवों की पहचान सुनिश्चित होगी, जो पोस्टमॉर्टम और कानूनी मामलों में भी सहायक साबित होगा। स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना की है, लेकिन कुछ ने सुझाव दिया कि डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी लागू किया जाए।
यूपी के हापुड़ जिले में अंतिम संस्कार से पहले होगा शव का वेरिफिकेशन: डीएम ने जारी किया सख्त आदेश
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