उत्तराखंड में 14 जनवरी से होगा अर्धकुंभ: 4 शाही स्नान सहित 10 मुख्य स्नान की तिथियां तय

हरिद्वार : उत्तराखंड सरकार ने 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेला की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में अर्धकुंभ की तिथियां और स्नान कार्यक्रम घोषित कर दिए गए।

यह आयोजन 14 जनवरी 2027 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2027 तक चलेगा, जो कुल 107 दिनों का होगा। खास बात यह है कि पहली बार अर्धकुंभ में 4 शाही स्नान (रॉयल बाथ) शामिल किए जा रहे हैं, जो इसे ऐतिहासिक बनाएगा। कुल 10 मुख्य स्नान तिथियां तय की गई हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान कर पापों से मुक्ति पाएंगे।

अर्धकुंभ हर 6 वर्ष में हरिद्वार और प्रयागराज में आयोजित होता है, जो पूर्ण कुंभ का अर्ध भाग माना जाता है। हरिद्वार का अर्धकुंभ गंगा के तट पर हर की पैड़ी और अन्य घाटों पर होता है, जहां ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार स्नान का विशेष महत्व है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने’ के विजन के अनुरूप आयोजन को भव्य बनाने की योजना है।

सरकार ने सुरक्षा, स्वच्छता और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए हैं। अखाड़ों ने तिथियों पर सहमति जताई है, जिसमें नागा साधुओं के शाही स्नान को प्रमुखता दी गई है।

ये तिथियां ज्योतिषीय आधार पर तय की गई हैं, जब सूर्य, चंद्र और बृहस्पति की विशेष स्थिति होती है। शाही स्नान के दौरान अखाड़ों के साधु हाथियों, ऊंटों और घोड़ों पर सवार होकर जुलूस निकालेंगे, जो कुंभ का प्रमुख आकर्षण होता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अर्धकुंभ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेगा और पर्यटन को बढ़ावा देगा। आयोजन के लिए 13 अखाड़ों के अलावा विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले अर्धकुंभों में करोड़ों श्रद्धालु शामिल हुए थे, इस बार भी वैसा ही उत्साह अपेक्षित है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अग्रिम बुकिंग करें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।