श्रीलंका में भयंकर बाढ़ की वजह से अब तक 56 की मौत, 60 से ज्यादा लापता, सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद

कोलंबो : श्रीलंका में साइक्लोन डिटवाह के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं ने भयानक तबाही मचा दी है। देशभर में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 से अधिक लोग लापता हैं। सरकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को सभी सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद करने का ऐलान किया है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार, 600 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, और नदियां उफान पर हैं। रेल सेवाएं रद्द कर दी गई हैं, जबकि सड़कें मलबे से अवरुद्ध हैं। यह आपदा पिछले सप्ताह शुरू हुई थी, लेकिन गुरुवार को स्थिति बिगड़ गई।

श्रीलंका में मानसून के दौरान साइक्लोन डिटवाह ने 25 नवंबर से अपना प्रभाव दिखाना शुरू किया। शुरुआत में हल्की बारिश ने जल्द ही तूफानी रूप ले लिया, जिससे मध्य पहाड़ी इलाकों जैसे बडुल्ला और नुवारा एलिया में भूस्खलन हो गया। यहां पहाड़ी ढलान घरों पर गिर पड़े, जिसमें चाय बागानों के मजदूर परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। DMC के डेटा के मुताबिक, मौतों में से ज्यादातर इसी क्षेत्र में हुईं, जहां 25 से अधिक लोग मलबे में दब गए।

शुक्रवार सुबह तक मौत का आंकड़ा 56 पहुंच गया। पूर्वी जिले अम्पारा में बाढ़ के तेज बहाव में एक कार बह गई, जिसमें तीन यात्री मारे गए। नदियों का जलस्तर बढ़ने से केलानी नदी घाटी में रेड फ्लड अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में मध्य और उत्तरी भागों में 200 मिमी से ज्यादा बारिश हो सकती है। साइक्लोन अब तमिलनाडु तट की ओर बढ़ रहा है, लेकिन श्रीलंका में इसका असर जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोलंबो के बाहरी इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हमारा घर रातोंरात पानी में डूब गया। सेना की मदद से ही बच पाए।”

प्रभावित क्षेत्र और राहत प्रयास: हजारों बेघर, बचाव कार्य तेज
बडुल्ला, नुवारा एलिया, अम्पारा और कोलंबो के आसपास के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 600 से अधिक घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो चुके हैं, जिससे 4,000 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए। सड़कें और रेल ट्रैक मलबे, पेड़ों और कीचड़ से भर गए हैं, जिससे कई प्रांतों के बीच संपर्क टूट गया। पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, और सड़कें बंद हैं।

राहत कार्य में श्रीलंकाई वायुसेना के हेलीकॉप्टर और नौसेना की नावें लगी हुई हैं। गुरुवार को एक हेलीकॉप्टर ने बाढ़ से घिरे घर की छत पर फंसे तीन लोगों को बचाया। सेना ने 50 से ज्यादा राहत कैंप लगाए हैं, जहां हजारों लोग शरण ले रहे हैं। DMC ने 10 जिलों में एम्बर और येलो अलर्ट जारी किया है, और निचले इलाकों के निवासियों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।