बिहार: वादों पर कायम नीतीश कुमार! 10 लाख महिलाओं को भेजे गए 10-10 हजार, चुनाव के बाद यह पहली किस्त

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर अपने चुनावी वादों को निभाने का संकल्प दिखाया है। विधानसभा चुनाव जीतने के ठीक बाद ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत राज्य की 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी गई है।

यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि यह पहली किस्त 9.50 लाख ग्रामीण और 50 हजार शहरी महिलाओं को दी गई है, जो योजना के पहले चरण का हिस्सा है। कुल मिलाकर योजना के तहत 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा, और यह NDA सरकार की महिलाओं पर केंद्रित नीतियों का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को 29 अगस्त 2025 को चुनाव से ठीक पहले लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य 18 से 60 वर्ष की महिलाओं को छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत कुल 2.10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जो चार किस्तों में वितरित होगी:

  • पहली किस्त: 10,000 रुपये (बीज धन के रूप में, बिना किसी शर्त के)।
  • बाकी राशि: व्यवसाय योजना की जांच के बाद 2 लाख रुपये तक, जिसमें दुकान, डेयरी, सिलाई केंद्र, ब्यूटी पार्लर या हस्तशिल्प जैसे उद्यम शामिल हैं।

पैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए जीविका (स्वयं सहायता समूह) नेटवर्क से जुड़ी महिलाओं के खातों में भेजे गए। अब तक योजना में 1.4 करोड़ ग्रामीण और 3.85 लाख शहरी जीविका दीदियों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हस्तांतरण किया और कहा, “यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाएगी और प्रवासन को रोकेगी। NDA सरकार महिलाओं की समृद्धि सुनिश्चित करेगी।”

चुनाव से पहले सितंबर में पहली किस्त 1 करोड़ महिलाओं को दी गई थी, लेकिन विपक्ष के आरोपों के बीच यह पहली किस्त चुनाव के बाद जारी की गई है। योजना का बजट 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का है, जो विश्व बैंक फंड से भी आंशिक रूप से वित्त पोषित है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में यह योजना NDA की जीत का एक प्रमुख कारक बनी। विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से ठीक पहले 1.21 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये देने से नीतीश कुमार की छवि मजबूत हुई। पूर्व रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इसे “वोट खरीदने का हथियार” बताया, लेकिन NDA नेताओं का कहना है कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का वास्तविक कदम है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को भी योजना की डिजाइनिंग का श्रेय दिया जा रहा है, जिन्होंने अपने अधिकारियों को बिहार भेजकर ‘जीविका 10,000 मॉडल’ सुझाया।

नीतीश कुमार सरकार ने वादा किया है कि अगली किस्तें समय पर दी जाएंगी, और योजना को 2026 तक पूरे 2.77 करोड़ महिलाओं तक विस्तारित किया जाएगा। यह कदम न केवल आर्थिक सशक्तिकरण लाएगा, बल्कि बिहार की राजनीति में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करेगा।