प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। 3 जनवरी से शुरू हो रहे इस 44 दिवसीय मेले में करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, 1,000 से अधिक CCTV कैमरे, 50 ड्रोन और एआई-आधारित निगरानी से मेले क्षेत्र की 24×7 मॉनिटरिंग होगी।
रेलवे ने भी विशेष MEMU ट्रेनें चलाने और स्टेशनों पर अतिरिक्त CCTV लगाने की योजना बनाई है, ताकि यात्रियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था महाकुंभ 2025 की सफलता पर आधारित है, जो दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन को और सुरक्षित बनाएगी।
प्रयागराज पुलिस ने मेले के लिए एक मजबूत तीन-स्तरीय सुरक्षा मॉडल तैयार किया है – बाहरी, आंतरिक और सीमा घेरा। एसपी (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया, “मेले क्षेत्र में 1,456 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें 150 एआई-सक्षम होंगे। ये कैमरे भीड़ घनत्व, घटनाओं की पहचान और सफाई निगरानी करेंगे।” इसके अलावा, 50 ड्रोन और दो एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे, जो हवाई निगरानी सुनिश्चित करेंगे।
सुरक्षा बल में 10,000 पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल, ATS स्नाइपर टीम (दो), 30 स्पॉटर और 20 वॉच टावर शामिल होंगे। मेले क्षेत्र को चार जोन और सात सेक्टरों में बांटा गया है, जहां 17 पुलिस थाने, 42 आउटपोस्ट, 20 फायर स्टेशन और जल पुलिस की पूरी टीम तैनात रहेगी। एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सारी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पांडेय ने कहा, “यह व्यवस्था मेले को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए डिजाइन की गई है।”
मुख्यमंत्री योगी ने 22 नवंबर को प्रयागराज का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और कहा, “माघ मेला 2026 को अभूतपूर्व भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।” उन्होंने एआई-कैमरों और ड्रोन के उपयोग पर विशेष जोर दिया। रेलवे ने भी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कमर कस ली है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बताया, “माघ मेला के दौरान वाराणसी-प्रयागराज रंबाग के बीच विशेष MEMU ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि नियमित ट्रेनों में भीड़ न हो।” प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग और रंबाग स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया को पुनर्गठित किया जाएगा।
मेले का महत्व और अन्य व्यवस्थाएं
माघ मेला 3 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। प्रमुख स्नान तिथियां: मकर संक्रांति (14/15 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी) और माघी पूर्णिमा (1 फरवरी)। मेले क्षेत्र 800-1,000 हेक्टेयर में फैलेगा, जहां 20-25 लाख काल्पवासी रहेंगे।
प्रयागराज: माघ मेला 2026 में हाई-टेक सुरक्षा,तैयारी तेज: 1000 से अधिक CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी
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