लखनऊ : उत्तर पूर्व रेलवे के रूहेलखंड क्षेत्र में रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को वर्चुअल माध्यम से गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसका विस्तार इज्जतनगर तक कर दिया। यह नया विस्तार यात्रियों को गोरखपुर से बरेली के इज्जतनगर जंक्शन तक सीधी और सुगम यात्रा का अवसर प्रदान करेगा, जिससे पूर्वांचल और अवध क्षेत्र के लाखों यात्रियों को लाभ होगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी इस उद्घाटन में भाग लिया, जो पीलीभीत से इज्जतनगर के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
गोरखपुर-पीलीभीत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 05321/05322) का यह विस्तार रूहेलखंड मंडल की लंबित मांगों को पूरा करता है। पहले यह ट्रेन गोरखपुर से पीलीभीत तक चलती थी, लेकिन अब यह इज्जतनगर (बरेली) तक पहुंचेगी। उद्घाटन के बाद ट्रेन का संचालन निम्नानुसार होगा:
गोरखपुर से इज्जतनगर (05321): सुबह 7:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान, दोपहर 3:45 बजे इज्जतनगर पहुंचेगी। रास्ते में प्रमुख स्टेशन: बस्ती, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, पीलीभीत।
इज्जतनगर से गोरखपुर (05322): शाम 5:00 बजे इज्जतनगर से रवाना, रात 1:15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।
ट्रेन में 12 बोगियां होंगी, जिनमें एसी, स्लीपर और जनरल क्लास शामिल हैं। रेल मंत्री ने कहा, “यह विस्तार रूहेलखंड क्षेत्र के विकास को गति देगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इज्जतनगर, पीलीभीत और अन्य स्टेशनों का पुनर्विकास भी चल रहा है।” जितिन प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा से यह संभव हुआ, जो पहली बार पीलीभीत पहुंचे थे।
यह ट्रेन साप्ताहिक रूप से चलेगी और टिकट बुकिंग IRCTC ऐप या वेबसाइट पर उपलब्ध है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समय से पहले बुकिंग कराएं, क्योंकि उद्घाटन के बाद मांग बढ़ने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य भाग में रेल कनेक्टिविटी की कमी लंबे समय से एक समस्या थी। गोरखपुर से इज्जतनगर तक अब लगभग 6-7 घंटे की यात्रा संभव हो गई है, जो पहले 10-12 घंटे लेती थी। इससे व्यापारियों, छात्रों और श्रमिकों को फायदा होगा। विशेष रूप से पीलीभीत, बरेली और गोरखपुर के बीच माल ढुलाई भी आसान होगी।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, इस रूट पर प्रतिदिन 5,000 से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। विस्तार से यह संख्या दोगुनी हो सकती है। साथ ही, रेल मंत्री ने बताया कि रूहेलखंड में गेज परिवर्तन परियोजनाएं भी तेजी से चल रही हैं, जिनमें पीलीभीत-मैलानी खंड शामिल है।