ढाका : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में कुल 21 साल की सजा सुनाई गई है। ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-5 के जज मोहम्मद अब्दुल्लाह अल मामुन ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए प्रत्येक मामले में हसीना को 7-7 साल की सजा का ऐलान किया। यह सजा पर्बाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट में सरकारी जमीन के अवैध आवंटन से जुड़े मामलों में दी गई है। हसीना की
अनुपस्थिति में चले मुकदमे में उनके बेटे साजिब वाजेद जॉय और बेटी साइमा वाजेद पुतुले को भी एक-एक मामले में 5-5 साल की जेल हुई। हसीना वर्तमान में भारत में रह रही हैं और उन्होंने इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
यह फैसला पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए फांसी की सजा दिए जाने के ठीक 10 दिन बाद आया है। एंटी-करप्शन कमीशन (ACC) ने जनवरी 2025 में हसीना और उनके परिवार के खिलाफ छह मामले दर्ज किए थे, जिनमें से तीन पर अब फैसला आया है। बाकी तीन मामलों का फैसला 1 दिसंबर को सुनाया जाएगा। कोर्ट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, क्योंकि हसीना समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव की आशंका थी।
ACC के आरोपों के मुताबिक, हसीना ने अपने पद का दुरुपयोग कर पर्बाचल न्यू टाउन (ढाका के उपनगरीय इलाके) में डिप्लोमैटिक जोन के छह मूल्यवान प्लॉट्स (प्रत्येक 10 कठा) अवैध रूप से परिवार के सदस्यों को आवंटित कराए। इनमें हसीना, उनके बेटे साजिब, बेटी साइमा, बहन शेख रेहाना, भतीजे रादवान मुजीब सिद्दीक बॉबी और भतीजी आजमीना सिद्दीक के नाम शामिल थे। ये प्लॉट्स सरकारी हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत थे, जहां सामान्य नियमों के अनुसार परिवार को पात्रता नहीं थी।
तीन मामलों में कुल 47 आरोपी थे, जिनमें पूर्व जूनियर हाउसिंग मंत्री शरीफ अहमद और राजधानी विकास प्राधिकरण (राजुक) के अधिकारी शामिल थे। कोर्ट ने 19 अन्य आरोपियों को अलग-अलग अवधि की सजा दी, जबकि एक जूनियर अधिकारी सैफुल इस्लाम सरकार को सभी मामलों में बरी कर दिया। केवल एक आरोपी ने व्यक्तिगत रूप से मुकदमा लड़ा, जिसे 3 साल की सजा मिली। हसीना परिवार ने कोई वकील नियुक्त नहीं किया, क्योंकि वे फरार थे।
78 वर्षीय हसीना ने पिछले बयानों में सभी आरोपों से इंकार किया है। उनके बेटे साजिब ने कहा, “यह फैसला पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित है। अंतरिम सरकार हमें राजनीतिक रूप से समाप्त करने की कोशिश कर रही है।” हसीना ने 5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के बाद हेलीकॉप्टर से भारत भाग गई थीं। उनके परिवार के अन्य सदस्य, जैसे यूके की सांसद तुलिप सिद्दीक (भतीजी), भी इन मामलों में नामजद हैं। हसीना ने ICT की फांसी की सजा को भी “निष्पक्ष न होने” वाला बताया।
अन्य सजाएं: परिवार और सहयोगियों पर भी चोट
- साजिब वाजेद जॉय (बेटा): एक मामले में 5 साल जेल और 1 लाख टका जुर्माना।
- साइमा वाजेद पुतुले (बेटी): एक मामले में 5 साल जेल।
- अन्य 19 आरोपी: 3 से 7 साल तक की सजाएं, जिसमें पूर्व मंत्री और अधिकारी शामिल।