लखनऊ : – उत्तर प्रदेश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को और मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर शिक्षामित्रों को निर्देश दिया है कि वे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के सहयोग से घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करें। यह कदम 4 दिसंबर तक चलने वाले SIR के दूसरे चरण को सफल बनाने के लिए उठाया गया है, जिसमें करीब 15 करोड़ मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जाना है। शिक्षा मंत्री गुड्डू जामन ने कहा, “शिक्षामित्र गांव-गांव की जान-पहचान रखते हैं, इसलिए वे इस सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हो चुकी है, और अब तक लाखों फॉर्म वितरित हो चुके हैं। लेकिन BLO की कमी और व्यस्तता को देखते हुए शिक्षामित्रों को सहायक के रूप में तैनात किया गया है। विभागीय आदेश के मुताबिक, प्रत्येक शिक्षामित्र को अपने आसपास के 2-3 बूथों पर सहायता देनी होगी। वे मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म (फॉर्म-4) भरने में मदद करेंगे, नाम काटने (फॉर्म-7) या जोड़ने (फॉर्म-6) के आवेदन लेंगे, और दस्तावेजों की जांच करेंगे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां BLO अकेले कवरेज नहीं कर पा रहे, वहां शिक्षामित्रों की भूमिका अहम होगी।
घर-घर सर्वे: BLO के साथ मिलकर हर घर पहुंचना, मतदाता सूची की तस्दीक करना और फॉर्म वितरित करना।
जागरूकता अभियान: लोगों को SIR के महत्व के बारे में बताना, जैसे नाम चेक करने, नए नाम जोड़ने या गलत एंट्री सुधारने की प्रक्रिया।
दस्तावेज सहायता: आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों की वैरिफिकेशन में मदद। आधार वैकल्पिक है, लेकिन अन्य प्रमाणों की जरूरत पड़ेगी।
रिपोर्टिंग: रोजाना BLO को रिपोर्ट देना, और ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपलोड करना।
समयसीमा: 4 दिसंबर तक सर्वे पूरा करना, उसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होगा।
राज्य में करीब 2.5 लाख शिक्षामित्र हैं, जिनमें से 1.5 लाख को इस कार्य में लगाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) को पत्र भेजकर तुरंत अमल का निर्देश दिया है। एक शिक्षामित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमें पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है, लेकिन BLO के साथ समन्वय जरूरी होगा।”
SIR का महत्व: क्यों है यह अभियान खास?
SIR 2025 का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है, जिसमें यूपी सबसे बड़ा राज्य है। चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को वोटर लिस्ट फ्रीज की थी, और अब हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन से फर्जी वोटरों को हटाने का लक्ष्य है। यूपी में 5.3 लाख BLO तैनात हैं, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं – जैसे शादी-ब्याह का सीजन, किसानों की फसल कटाई और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच की समस्या। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षामित्रों की भागीदारी से कवरेज 20-25% बढ़ सकता है।